Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में 27 मई तक चक्रवाती तूफान का हाई अलर्ट, UPCL के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द

18 मई को आई आंधी और बारिश में गढ़वाल और कुमाऊं में पेड़ गिरने से कई जगहों पर लाइनें टूट गईं। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। मौसम अलर्ट को देखते हुए यूपीसीएल प्रबंधन ने सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। 

Uttarakhand Weather Update: उत्तराखंड में 27 मई तक चक्रवाती तूफान का हाई अलर्ट, UPCL के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द 

प्रदेश में बृहस्पतिवार को आई आंधी में हुए नुकसान के बीच शुक्रवार तक काफी जगहों पर यूपीसीएल ने बिजली आपूर्ति बहाल कर दी। इस बीच 27 मई तक चक्रवाती तूफान के अलर्ट को देखते हुए यूपीसीएल प्रबंधन ने सभी अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। इस तिथि तक सभी को अपने दफ्तर में तैनात रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

यूपीसीएल के एमडी अनिल कुमार ने बताया कि 18 मई को आई आंधी और बारिश में गढ़वाल और कुमाऊं में पेड़ गिरने से कई जगहों पर लाइनें टूट गईं। कई जगहों पर ट्रांसफार्मर भी क्षतिग्रस्त हो गए। यूपीसीएल के कर्मचारियों ने तत्परता से काम किया और कम-से-कम समय में आपूर्ति बहाल कर दी है।

कुछ जगहों पर ट्रांसफॉर्मर डबल पोल या भारी मात्रा में लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई थीं, वहां अधिकतर जगहों की शुक्रवार की दोपहर तक आपूर्ति बहाल कर दी गई। मौसम विभाग ने 22 मई से 27 मई तक चक्रवाती तूफान का हाई अलर्ट जारी किया है। इसके मद्देनजर शुक्रवार को प्रबंध निदेशक अनिल कुमार ने सभी क्षेत्रीय इकाइयों को विद्युत आपूर्ति सुचारु रखने के निर्देश दिए हैं।

बिना अनुमति अपना दफ्तर नहीं छोड़ सकेंगे अधिकारी-कर्मचारी

मुख्य अभियंता गढ़वाल, हरिद्वार, कुमाऊं और ऊधमसिंहनगर को निर्देश दिए गए हैं कि उपखंड स्तर तक के सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को आगामी 27 मई तक अवकाश पर रोक लगा दी गई है। ये भी निर्देश दिए गए हैं कि तूफान में नुकसान होने की दशा में न्यूनतम समय में विद्युत आपूर्ति बहाल करने का इंतजाम पहले से किया जाए।

आकस्मिकता की स्थिति में सहायक अभियंता स्तर तक के अधिकारी बिना मुख्य अभियंता और उससे उच्च स्तर के अधिकारी बिना निदेशक परिचालन की अनुमति अपना दफ्तर नहीं छोड़ सकेंगे।

मुख्य अभियंता सामग्री प्रबंधन के प्रभारी और निदेशक परिचालन को निर्देश दिए गए हैं कि वे उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए क्षेत्रों में पर्याप्त मात्रा में कंडक्टर, केबिल, पोल, ट्रांसफॉर्मर आदि का पुख्ता इंतजाम रखते हुए क्षेत्रीय इकाइयों को मुख्यालय से हर वांछित सहयोग तत्काल उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

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