Bloating Relief Tips : अचानक पेट के किसी हिस्से में ऐसी तेज ऐंठन उठना कि आप सारा काम छोड़कर पेट पकड़कर बैठ जाएं, यह अनुभव बहुत से लोगों के साथ होता है।
कई बार यह दर्द इतना तीखा होता है कि लोग इसे कोई बड़ी मेडिकल इमरजेंसी समझकर घबरा जाते हैं। सुनने में भले ही यह सिर्फ ‘गैस’ लगे, लेकिन जब यह आंतों में अटक जाती है, तो इसका दर्द वाकई बेहाल कर देता है।
आंतों में गैस फंसने पर इतना दर्द क्यों होता है?

हमारी आंतें भोजन पचाने के दौरान बनने वाली गैस को धीरे-धीरे आगे की ओर धकेलती रहती हैं। जब किसी वजह से यह गैस आगे नहीं बढ़ पाती और एक जगह ठहर जाती है, तो आंतों पर अंदर से दबाव बनने लगता है।
इसे ऐसे समझिए जैसे किसी गुब्बारे में जरूरत से ज्यादा हवा भर दी गई हो। जब गैस के दबाव से आंतों की दीवारें ज्यादा खिंचती हैं, तो वहां मौजूद नसों पर सीधा असर पड़ता है। इसी खिंचाव से पेट में तेज चुभन, मरोड़ और भारीपन महसूस होने लगता है।
दर्द कभी कम तो कभी ज्यादा क्यों लगता है?
गैस का दर्द एक जगह टिक कर नहीं रहता। पाचन नली में जैसे-जैसे गैस इधर-उधर खिसकती है, दर्द पेट के एक कोने से दूसरे कोने में जाता महसूस हो सकता है। यह कभी लहरों की तरह उठता है और कभी अचानक धीमा पड़ जाता है। राहत तभी मिलती है जब गैस आगे बढ़कर शरीर से बाहर निकलने के रास्ते पर आ जाए।
फंसी हुई गैस से राहत पाने के आसान उपाय
धीमी चाल में टहलें: पेट दर्द होने पर एकदम सीधे लेटे रहने के बजाय कमरे में ही 10 से 15 मिनट धीरे-धीरे टहलें। चलने-फिरने से आंतों की मांसपेशियों में गति आती है और फंसी हुई गैस आसानी से नीचे की तरफ खिसकती है।

गुनगुना पानी पिएं: हल्का गर्म पानी पीने से पाचन तंत्र की नलियों को आराम मिलता है और गैस का दबाव कम होता है।
हल्के योगासन अपनाएं: पवनमुक्तासन या बालासन (चाइल्ड पोज) जैसे हल्के आसन पेट के दबाव को बाहर निकालने में बहुत मददगार साबित होते हैं।
पेट पर हल्की सिकाई: हीटिंग पैड या गर्म पानी की थैली से पेट की सिकाई करने से भी मांसपेशियों की ऐंठन तुरंत शांत होती है।
डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?
गैस का दर्द आमतौर पर थोड़ी देर में या गैस पास होने के बाद अपने आप ठीक हो जाता है। लेकिन हर पेट दर्द गैस का ही हो, ऐसा जरूरी नहीं है।
अगर पेट का दर्द घंटों तक लगातार बना रहे, पेट छूने पर एकदम कड़ा या पत्थर जैसा लगे, साथ में तेज बुखार, बार-बार उल्टी आना या शौच में खून दिखने जैसे लक्षण हों, तो इसे सामान्य गैस मानकर नजरअंदाज न करें। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी डॉक्टर से जांच करवानी चाहिए।







