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Chardham Yatra 2026: नए नियम लागू, जाने से पहले यह खबर जरूर पढ़ें!

उत्तराखंड की मुख्य सचिव राधा रतूड़ी ने चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर सचिवालय में उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्ग पर जाम से निपटने के लिए बड़े होल्डिंग एरिया बनाने और 60 वर्ष से अधिक उम्र के यात्रियों की अनिवार्य स्वास्थ्य जांच करने का फैसला लिया गया है।

Published On: अप्रैल 8, 2026 11:45 अपराह्न
Chardham Yatra 2026: नए नियम लागू, जाने से पहले यह खबर जरूर पढ़ें!

HIGHLIGHTS

  • अनिवार्य रजिस्ट्रेशन: 'सचेत ऐप' डाउनलोड करना होगा जरूरी, वॉट्सऐप और एसएमएस से मिलेगी मौसम की जानकारी।
  • हेल्थ रोटेशन: केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में 15-15 दिनों के रोटेशन पर तैनात रहेंगे विशेषज्ञ चिकित्सक।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: बीआरओ और लोनिवि को यात्रा शुरू होने से पहले डेंजर जोन और स्लाइडिंग पॉइंट्स दुरुस्त करने का अल्टीमेटम।

देहरादून, 08 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सचिवालय में सभी संबंधित विभागों के साथ मैराथन बैठक की और स्पष्ट किया कि श्रद्धालुओं की सुविधा में किसी भी स्तर पर कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

मुख्य सचिव ने पुलिस विभाग को सख्त निर्देश दिए हैं कि यात्रा मार्ग पर जाम लगने वाले पुराने अनुभवों से सबक लेते हुए स्लाईडिंग जोन पर अतिरिक्त बल तैनात किया जाए। ट्रैफिक जाम या भूस्खलन की स्थिति में यात्रियों को बीच सड़क पर फंसने से बचाने के लिए बड़े ‘होल्डिंग एरिया’ चिह्नित किए जा रहे हैं। इन क्षेत्रों में यात्रियों के रुकने और भोजन की पुख्ता व्यवस्था करने की जिम्मेदारी जिलाधिकारियों को सौंपी गई है।

संचार व्यवस्था को आधुनिक बनाते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि रजिस्टर्ड मोबाइल नंबरों पर वॉट्सऐप के जरिए पल-पल की जानकारी भेजी जाए। यात्रा के दौरान ‘सचेत ऐप’ को डाउनलोड करना अनिवार्य कर दिया गया है।

आपदा प्रबंधन विभाग का मैसेजिंग अलर्ट मैकेनिज्म अब सीधे यात्रियों के फोन तक मौसम और रास्तों की सटीक जानकारी पहुंचाएगा। आपातकालीन स्थिति में रेस्क्यू के लिए हेली सेवाओं के प्रबंधन को भी चाक-चौबंद किया गया है।

स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष जोर देते हुए सरकार ने तय किया है कि केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम में डॉक्टरों की कमी नहीं होने दी जाएगी। यहां 15-15 दिनों के रोटेशन पर चिकित्सा अधिकारियों की तैनाती होगी।

विशेष रूप से 60 वर्ष से अधिक आयु के श्रद्धालुओं का मेडिकल चेकअप अब अनिवार्य होगा। ट्रेकिंग रूट्स पर जगह-जगह स्क्रीनिंग पॉइंट्स बनाए जाएंगे ताकि ऊंचाई पर ऑक्सीजन या हार्ट से जुड़ी समस्याओं को तुरंत पकड़ा जा सके।

सड़क निर्माण से जुड़ी एजेंसियों जैसे बीआरओ, एनएच और लोनिवि को निर्देश दिए गए हैं कि वे लेबर की संख्या बढ़ाकर मरम्मत कार्य समय सीमा के भीतर पूरा करें। डेंजर जोन पर पहले से ही भारी मशीनें तैनात रहेंगी ताकि मलबा आने पर रास्ता तुरंत खोला जा सके। इसके अलावा, बिजली विभाग को बद्रीनाथ धाम में लो-वोल्टेज की समस्या और केदारनाथ में निर्बाध आपूर्ति के लिए बैकअप सिस्टम तैयार रखने को कहा गया है।

पर्यटन विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि यात्रा मार्ग पर सार्वजनिक सुविधाओं और साइनेज (दिशा-निर्देश बोर्ड) का जाल बिछाया जाए ताकि नए श्रद्धालुओं को रास्ता भटकने की नौबत न आए। नागरिक उड्डयन विभाग को शटल सेवा के लिए जल्द एसओपी जारी करने और बुकिंग सुविधा को पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं। आपूर्ति विभाग को पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का बफर स्टॉक रखने को कहा गया है ताकि पीक सीजन में किल्लत न हो।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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