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Dehradun News : भारी बारिश में शहीद स्मारक पर डटे आंदोलनकारी आश्रित, 16वें दिन भी जारी रहा अनशन

10% क्षैतिज आरक्षण का कानूनी प्रावधान होने के बावजूद सरकारी नौकरी न मिलने पर राज्य आंदोलनकारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। देहरादून के शहीद स्मारक पर भारी बारिश के बीच क्रमिक अनशन 16वें दिन भी जारी रहा।

Dehradun News : भारी बारिश में शहीद स्मारक पर डटे आंदोलनकारी आश्रित, 16वें दिन भी जारी रहा अनशन

HIGHLIGHTS

  • शहीद स्मारक पर क्रमिक अनशन का 16वां दिन
  • भारी बारिश के बीच डटे राम किशन और नवीन नैथानी
  • 10% क्षैतिज आरक्षण के बावजूद दो साल से नियुक्ति नहीं
  • 13 साल से सरकारी नौकरी के लिए भटक रहे आश्रित

 

देहरादून, 30 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun News : राजधानी देहरादून में मंगलवार को भारी बारिश के बीच भी शहीद स्मारक पर राज्य आंदोलनकारियों का धरना प्रदर्शन जारी रहा। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मंच के बैनर तले यह क्रमिक अनशन आज अपने 16वें दिन में प्रवेश कर गया। आज के अनशन की कमान राम किशन और नवीन नैथानी ने संभाली।

उत्तराखंड में राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का प्रावधान लागू किया जा चुका है। नियम बनने के बावजूद पिछले दो वर्षों से किसी भी आश्रित को नियुक्ति पत्र नहीं सौंपा गया है। सरकारी सिस्टम की इस लेटलतीफी से नाराज आंदोलनकारी अब पूरी तरह से सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए हैं।

नौकरी का यह इंतजार कोई नया नहीं है। पिछले 13 वर्षों से आंदोलनकारी परिवार और उनके आश्रित सिर्फ नियुक्ति की आस में विभागों के चक्कर काट रहे हैं। संयुक्त मंच के संयोजक अम्बुज शर्मा ने आंदोलनकारी परिषद के पदाधिकारियों के जरिए राज्य सरकार तक अपनी सीधी गुहार पहुंचाई है। उन्होंने दो टूक शब्दों में मांग रखी है कि सरकार आश्रितों को तुरंत नियुक्ति दे और इस लंबे विवाद का हमेशा के लिए पटाक्षेप करे।

धरना स्थल पर समर्थन देने वाले विभिन्न संगठनों के नेताओं का तांता लगा हुआ है। राज्य आंदोलनकारी मंच के अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी और वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी संयुक्त मोर्चा के अध्यक्ष विनोद असवाल ने स्मारक पहुंचकर अनशनकारियों के साथ मंच साझा किया। मसूरी क्षेत्र से बिल्लू वाल्मीकि और हरि ओम ने भी इस आंदोलन में अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की।

उत्तरकाशी से रामचंद्र नौटियाल और महेंद्र सिंह देहरादून पहुंचकर इस क्रमिक अनशन का हिस्सा बने। उत्तराखंड क्रांति दल की नेत्री सावित्री पवार और प्रमिला रावत ने धरना स्थल पर मौजूद रहकर सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल दागे। डॉ सुनील कैंथुला, मनोरथ प्रसाद ध्यानी और हेमराज निजन सुबह से ही स्मारक पर डटे रहे।

आंदोलन को धार देने के लिए शैलेश सेमवाल और प्रभात डंडरियाल ने भी मंच से अपनी बात रखी। एडवोकेट अनुराधा मेंदोला ने वहां पहुंचकर अपना खुला समर्थन जाहिर किया और आंदोलनकारियों की मांगों को शत-प्रतिशत जायज ठहराया। 16 दिनों के लंबे धरने और खराब मौसम के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों को लेकर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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