दून हॉराइज़न, देहरादून (01 सितंबर): राजधानी देहरादून में सोमवार शाम से शुरू हुए मूसलाधार बारिश के दौर ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के प्रमुख चौराहों पर घुटनों तक पानी भरने और लगातार बिगड़ते मौसम को देखते हुए जिला प्रशासन ने मंगलवार को देहरादून जिले के सभी सरकारी व गैर-सरकारी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों में अवकाश (School Holiday) घोषित कर दिया है।
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दो सितंबर तक मौसम का कड़ा पहरा, इन जिलों में चेतावनी
मौसम विज्ञान केंद्र के निदेशक डॉ. सीएस तोमर के अनुसार राज्य भर में दो सितंबर तक मौसमी गतिविधियां तेज रहेंगी। मौसम विभाग (IMD Alert) ने एक सितंबर के लिए देहरादून और टिहरी जनपदों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
इसके अलावा पौड़ी, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, नैनीताल और हरिद्वार को निगरानी वाली श्रेणी में रखा गया है। आंकड़ों के मुताबिक देहरादून में अगस्त के दौरान सामान्य 498.4 मिमी के मुकाबले 518.3 मिमी पानी बरसा है, जिससे जलभराव की स्थिति और विकराल हो गई।
सड़कों पर सैलाब और बंद हुए रास्ते
घंटाघर, राजपुर रोड, रायपुर रोड, सर्वे चौक, करनपुर, परेड ग्राउंड और दून अस्पताल परिसर में जलभराव के चलते यातायात की रफ्तार थम गई। रायपुर क्षेत्र में पहाड़ी से मलबा और बोल्डर गिरने के कारण गुच्चूपानी-गंडक मार्ग पूरी तरह बाधित हो गया है।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी ऋषभ कुमार ने स्पष्ट किया कि दून-मसूरी मार्ग पर भी सोमवार को मलबा आने की सूचना मिली, जिसे साफ करने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल (Quick Response Team) को भेजा गया है। उधर, सहसपुर ब्लॉक के छरबा गांव में एक रिहायशी मकान पर आकाशीय बिजली गिरी, हालांकि किसी भी प्रकार की जनहानि की खबर नहीं है।
कैब चालकों और ग्रामीण इलाकों में खौफ
सड़क किनारे खुले नालों और जलमग्न गड्ढों के कारण शहर में ऑनलाइन टैक्सी व ऑटो चालकों को संचालन में भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है। वहीं सहस्त्रधारा के समीपवर्ती मजाड़ा-कार्लीगाड़ जैसे ऊंचाई वाले ग्रामीण इलाकों के बाशिंदों को भूस्खलन और कटाव का डर सता रहा है।
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जिला आपदा कंट्रोल रूम को सक्रिय कर दिया गया है और स्थानीय नागरिकों को जलभराव वाले क्षेत्रों तथा संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचने की हिदायत दी गई है।










