Kidney Disease Symptoms : हमारी किडनी 24 घंटे खून को फिल्टर करने और शरीर से गैर-जरूरी कचरे को बाहर निकालने का काम करती है। जब किडनी के काम करने की क्षमता कम होने लगती है, तो शरीर में टॉक्सिन्स और पानी जमा होने लगता है।
शुरुआती दौर में ये बदलाव इतने आम लगते हैं कि लोग इन्हें काम का तनाव या मौसम का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं।
अगर इन संकेतों को सही समय पर पहचान लिया जाए, तो बीमारी को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकता है।

1. लगातार थकान और ध्यान लगाने में दिक्कत
किडनी एरिथ्रोपोइटिन (EPO) नाम का हार्मोन बनाती है, जो रेड ब्लड सेल्स बनाने में मदद करता है। जब किडनी कमजोर होती है, तो शरीर में खून की कमी (एनीमिया) हो सकती है।
इसके चलते मांसपेशियों और दिमाग तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंचती, जिससे हर समय कमजोरी और भारी थकान महसूस होती है।

2. चेहरे, पैरों और टखनों में सूजन
जब किडनी अतिरिक्त सोडियम और पानी को फिल्टर नहीं कर पाती, तो शरीर के अंगों में फ्लूइड जमा होने लगता है।
इसकी वजह से पैरों, टखनों और चेहरे पर सूजन नजर आ सकती है। यूरिन के रास्ते प्रोटीन निकलने पर आंखों के आसपास भी पफीनेस यानी सूजन दिखने लगती है।
3. त्वचा में तेज खुजली और सूखापन
खून में यूरिया और अन्य टॉक्सिन्स का स्तर बढ़ने से त्वचा पर रैशेज और असहज खुजली हो सकती है।
इसके अलावा, शरीर में कैल्शियम और फॉस्फोरस जैसे जरूरी मिनरल्स का संतुलन बिगड़ने से भी त्वचा बहुत रूखी हो जाती है।
4. नींद में खलल और बेचैनी
खून में टॉक्सिन्स का जमाव नींद के पैटर्न को प्रभावित करता है।
कई बार क्रोनिक किडनी डिजीज और स्लीप एपनिया (सोते समय सांस रुकने की समस्या) एक-दूसरे से जुड़े होते हैं, जिससे व्यक्ति रात में बार-बार जागता है और गहरी नींद नहीं ले पाता।
5. मांसपेशियों में बार-बार ऐंठन
कैल्शियम, सोडियम और पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बनाए रखना किडनी की जिम्मेदारी है।
इन तत्वों का स्तर असामान्य होने पर पैरों, पिंडलियों और जांघों की मांसपेशियों में तेज ऐंठन महसूस हो सकती है।

6. सांस फूलना और भारीपन
किडनी की कार्यक्षमता घटने पर फेफड़ों के आसपास पानी जमा हो सकता है।
इसके साथ ही एनीमिया होने की वजह से सामान्य काम करते समय भी सांस फूलने लगती है और लेटने पर घुटन जैसा अनुभव हो सकता है।
7. भूख में अचानक कमी और जी मिचलाना
शरीर में यूरिया और वेस्ट प्रोडक्ट्स बढ़ने से मुंह का स्वाद कड़वा या मेटैलिक जैसा लगने लगता है।
इसके कारण भूख खत्म हो जाती है, सुबह के समय उल्टी जैसा महसूस होता है और वजन तेजी से गिरने लगता है।
कब कराएं डॉक्टर से जांच?
अगर ऊपर बताए गए लक्षणों में से दो या तीन संकेत लगातार बने हुए हैं, तो इसे सामान्य मानकर अनदेखा न करें।
एक साधारण रूटीन ब्लड टेस्ट (KFT / Serum Creatinine) और यूरिन टेस्ट (Routine & Microscopic) से किडनी की वास्तविक स्थिति का पता आसानी से लगाया जा सकता है।










