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Nutrient Deficiency : अच्छी नींद के लिए सिर्फ स्क्रीन छोड़ना काफी नहीं, डाइट में तुरंत शामिल करें ये जरूरी न्यूट्रिएंट्स

रात में बार-बार नींद टूटना या देर तक करवटें बदलना केवल तनाव नहीं, बल्कि शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की कमी का संकेत भी हो सकता है। विटामिन डी, बी12, मैग्नीशियम और आयरन जैसे न्यूट्रिएंट्स की कमी नींद के प्राकृतिक चक्र को सीधे प्रभावित करती है।

Published On: September 13, 2026 2:22 PM
Nutrient Deficiency

Nutrient Deficiency : दिनभर की भागदौड़ और काम के दबाव के बाद हर किसी को एक सुकूनभरी नींद की जरूरत होती है।

कई बार बिस्तर पर जाने के बाद घंटों नींद नहीं आती, आधी रात में आंख खुल जाती है या फिर 7-8 घंटे सोने के बाद भी सुबह उठते ही शरीर में सुस्ती और भारीपन बना रहता है।

अक्सर हम इसे सिर्फ तनाव, देर तक मोबाइल चलाने या काम के प्रेशर का नतीजा मान लेते हैं। लाइफस्टाइल की ये आदतें नींद को प्रभावित करती ही हैं, लेकिन कई बार असली वजह हमारी थाली में छिपी होती है।

शरीर में कुछ खास विटामिन्स और मिनरल्स की कमी सीधे हमारे स्लीप पैटर्न को बिगाड़ देती है।

नींद और शरीर की मरम्मत का संबंध

जब हम गहरी नींद में होते हैं, तब शरीर अपनी कोशिकाओं की मरम्मत करता है और दिमाग दिनभर की जानकारी को व्यवस्थित करता है। इसी दौरान जरूरी हार्मोन्स भी रिलीज होते हैं।

अगर पोषक तत्वों की कमी के कारण यह प्रक्रिया बार-बार रुकती है, तो दिनभर चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और काम में फोकस की कमी महसूस होने लगती है।

1. विटामिन D की कमी

विटामिन डी सिर्फ हड्डियों और जोड़ों की मजबूती के लिए ही जरूरी नहीं है, बल्कि यह दिमाग की कार्यप्रणाली और नींद को नियमित करने में भी मदद करता है।

शरीर में इसका स्तर कम होने पर गहरी नींद का समय घट जाता है और रात में बार-बार नींद टूटने की समस्या बढ़ सकती है।

2. विटामिन B12 और स्लीप साइकिल

विटामिन बी12 हमारे नर्वस सिस्टम को दुरुस्त रखने और शरीर की बायोलॉजिकल क्लॉक (बॉडी क्लॉक) को संतुलित करने में बड़ी भूमिका निभाता है।

इसकी कमी होने पर शरीर का सोने और जागने का प्राकृतिक तालमेल बिगड़ जाता है, जिससे दिनभर थकान और रात में बेचैनी महसूस होती है।

3. मैग्नीशियम की कमी से मांसपेशियों में तनाव

मैग्नीशियम नसों को शांत करने और मांसपेशियों को रिलैक्स करने का काम करता है।

शरीर में पर्याप्त मैग्नीशियम न होने पर मांसपेशियां तनाव में रहती हैं, जिससे दिमाग को ‘स्लीप मोड’ में जाने में परेशानी होती है।

4. आयरन की कमी और पैरों में बेचैनी

शरीर में आयरन कम होने से खून के जरिए दिमाग और मांसपेशियों तक ऑक्सीजन की आपूर्ति धीमी पड़ जाती है।

इसके चलते कई लोगों को ‘रेस्टलेस लेग्स सिंड्रोम’ की शिकायत हो जाती है, जिसमें रात में लेटते ही पैरों में अजीब सी बेचैनी या खिंचाव महसूस होता है और नींद उड़ जाती है।

नींद में सुधार के लिए क्या करें?

  • रोज सुबह 15–20 मिनट हल्की धूप में बैठें, ताकि विटामिन डी की कमी पूरी हो सके।
  • डाइट में हरी पत्तेदार सब्जियां, दालें, सूखे मेवे (बादाम, अखरोट), कद्दू के बीज और दूध-दही जैसी चीजें शामिल करें।
  • सोने से कम से कम 1 घंटा पहले स्क्रीन (मोबाइल, लैपटॉप, टीवी) बंद कर दें।
  • रात के खाने में बहुत ज्यादा तला-भुना या कैफीन (चाय-कॉफी) लेने से बचें।

डॉक्टर से परामर्श कब जरूरी है?

अगर सही खान-पान और स्क्रीन टाइम कम करने के बाद भी हफ्तों तक नींद न आने की समस्या बनी रहे, तो खुद से दवाइयां या सप्लीमेंट्स लेने से बचें।

डॉक्टर की सलाह से ब्लड टेस्ट कराएं, ताकि यह पता चल सके कि किस पोषक तत्व की कमी है और सही उपचार लिया जा सके।

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Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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