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पिंपल फोड़ते ही चेहरे पर हमेशा के लिए छूट सकते हैं गड्ढे, जान लें डर्मेटोलॉजिस्ट की सही राय

चेहरे पर निकले पिंपल को दबाने या फोड़ने से इंफेक्शन और गहरे दाग-धब्बों का जोखिम बढ़ जाता है। सही क्लींजर, हल्के एक्टिव इंग्रीडिएंट्स और बिना छेड़े स्किन को हील होने देना ही इसे ठीक करने का सुरक्षित तरीका है।

Published On: October 3, 2026 1:36 PM
Popping Pimples Side Effects

Popping Pimples Side Effects : आईने में देखते ही चेहरे पर उभरा लाल पिंपल हाथ को उसे दबाने पर मजबूर कर देता है, लेकिन यही जल्दबाजी त्वचा को लंबे समय के लिए बदरंग बना सकती है।

डर्मेटोलॉजिस्ट बताते हैं कि जब कोई व्यक्ति उभरे हुए या दर्द कर रहे पिंपल को दबाता है, तो दबाव के चलते उसके भीतर मौजूद बैक्टीरिया और सीबम बाहर निकलने के बजाय स्किन की अंदरूनी परतों में धंस जाते हैं। नतीजा? आसपास की सामान्य त्वचा में सूजन तेजी से फैलती है और इंफ्लेमेशन कई गुना गहरा हो जाता है।

मुंहासे (Acne Breakout) को बार-बार छूना भी उतना ही नुकसानदेह है जितना उसे फोड़ना। हमारी उंगलियों पर जमा धूल, पसीना और बैक्टीरिया जब एक्टिव पिंपल के संपर्क में आते हैं, तो हीलिंग की प्रक्रिया बेहद धीमी पड़ जाती है।

गहरे स्कार्स और हाइपरपिग्मेंटेशन का सीधा खतरा

पिंपल को जबरन दबाने का सबसे बड़ा खामियाजा दाग-धब्बों के रूप में भुगतना पड़ता है। त्वचा जब खुद को रिपेयर करने की कोशिश करती है, तो वहां अक्सर गहरे भूरे या लाल निशान छूट जाते हैं, जिसे डर्मेटोलॉजी की भाषा में पोस्ट-इन्फ्लेमेटरी हाइपरपिग्मेंटेशन (PIH) कहा जाता है।

अगर दबाव के कारण त्वचा का अंदरूनी टिशू टूट जाए, तो उस जगह गड्ढे यानी एट्रोफिक स्कार्स बन जाते हैं। ये गड्ढे किसी साधारण घरेलू नुस्खे से ठीक नहीं होते।

इनके इलाज के लिए आगे चलकर केमिकल पील, सबसिजन या लेजर रीसरफेसिंग जैसी महंगी क्लीनिकल थेरेपी का सहारा लेना पड़ता है।

रगड़कर चेहरा धोना बंद करें, अपनाएं सही स्पॉट ट्रीटमेंट

मुंहासे निकलते ही कई लोग चेहरे को दिन में चार-पांच बार फेसवॉश से धोना या स्क्रब करना शुरू कर देते हैं। यह तरीका स्किन बैरियर को पूरी तरह कमजोर कर देता है। ज्यादा रगड़ने से त्वचा का नेचुरल ऑयल छिन जाता है, जिससे बचाव के लिए त्वचा और अधिक तेल बनाने लगती है।

सैलिसिलिक एसिड (Salicylic Acid) पोर्स की गहराई में जाकर फंसे सीबम को साफ करता है, जबकि बेंज़ॉयल पेरॉक्साइड (Benzoyl Peroxide) मुंहासे पैदा करने वाले बैक्टीरिया को खत्म करने का काम करता है।

इन्हें पूरे चेहरे पर पोतने के बजाय केवल पिंपल वाले स्थान पर स्पॉट ट्रीटमेंट के तौर पर इस्तेमाल करना चाहिए।

नया प्रोडक्ट लगाने से पहले 24 घंटे का पैच टेस्ट जरूरी

कोई भी नया सीरम, क्रीम या एक्टिव इंग्रीडिएंट सीधे चेहरे पर लगाने से बचें। प्रोडक्ट की एक बूंद कान के पीछे या कोहनी के अंदरूनी हिस्से पर लगाएं।

अगले 24 घंटे तक उस जगह पर नजर रखें कि कहीं लाली, खुजली या जलन तो नहीं हो रही। अगर त्वचा शांत रहती है, तभी उसे चेहरे पर इस्तेमाल करें। संवेदनशील त्वचा वालों के लिए यह सावधानी बेहद जरूरी है।

यदि मुंहासों में लगातार दर्द बना रहे या वे सिस्ट का रूप ले रहे हों, तो बिना देर किए किसी सर्टिफाइड डर्मेटोलॉजिस्ट से व्यक्तिगत परामर्श लें।

Ganga

गंगा 'दून हॉराइज़न' में धर्म और ज्योतिष संवाददाता के पद पर कार्यरत हैं। उन्हें वैदिक ज्योतिष, पंचांग, व्रत-त्योहार और वास्तु शास्त्र का गहरा ज्ञान और वर्षों का अनुभव है। गंगा का उद्देश्य सिर्फ दैनिक राशिफल बताना नहीं, बल्कि धर्म और अध्यात्म से जुड़ी सटीक, शोध-आधारित और प्रामाणिक जानकारी आम जनमानस तक पहुंचाना है। वह ज्योतिषीय गणनाओं और धार्मिक मान्यताओं का गहराई से विश्लेषण करती हैं। उनकी तथ्यपरक लेखनी पाठकों को अंधविश्वास से दूर रखकर एक सकारात्मक मार्गदर्शन प्रदान करती है, जिससे वे डिजिटल पाठकों के बीच एक बेहद भरोसेमंद नाम बन गई हैं।

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