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मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा में आंगनबाड़ी केंद्र पहुंचकर बच्चों को परोसा भोजन, अन्नप्राशन संस्कार भी कराया

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने खटीमा में 'आंगन मिलन' कार्यक्रम में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने बच्चों को भोजन परोसने के साथ ही गर्भवती महिलाओं को पोषण किट बांटी।

Uttarakhand Anganwadi Milan program

मुख्य बातें

  • मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा के गोसीकुआ भुड़ाई आंगनबाड़ी केंद्र का दौरा किया।
  • कार्यक्रम के दौरान नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन और गोदभराई रस्म पूरी की गई।
  • मुख्यमंत्री ने अपने बच्चों के नगला तराई आंगनबाड़ी में पढ़ने की बात साझा की।
  • दूरदराज की गर्भवती महिलाओं के लिए हेली एंबुलेंस सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

खटीमा (05 अक्टूबर) : उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सीमांत शहर खटीमा के गोसीकुआ भुड़ाई स्थित आंगनबाड़ी केंद्र में आयोजित ‘आंगन मिलन’ कार्यक्रम में शिरकत की। स्थानीय स्तर पर पोषण और शिक्षा व्यवस्था का जायजा लेने पहुंचे मुख्यमंत्री ने न केवल बच्चों, गर्भवती महिलाओं बल्कि आंगनबाड़ी एवं (Anganwadi workers) आशा कार्यकत्रियों से भी सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत को परखा और व्यवस्थाओं को लेकर अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट किया।

नन्हे बच्चों के साथ बिताए पल और बांटी किट

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र पर पहुंचे बच्चों से आत्मीयता से बातचीत की और उनके मन की बात टटोली। अपने हाथों से बच्चों को भोजन परोसने के बाद उन्होंने पांच नन्हे बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया। इसके साथ ही गोदभराई रस्म में हिस्सा लेते हुए लगभग 10 गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक आहार सामग्री की किट सौंपी गईं। स्थानीय प्रशासन के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम में 10 पात्र लाभार्थियों को महालक्ष्मी किट भी वितरित की गईं। उत्कृष्ट सेवाएं देने वाली नौ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और दो आशा बहनों को इस मौके पर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।

प्रधानमंत्री मोदी के 25 वर्षों की सार्वजनिक यात्रा पर चर्चा

कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री ने देश के नेतृत्व को लेकर भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूर्ण हो चुके हैं, जो देशवासियों के लिए एक प्रेरणादायी गाथा है। राष्ट्रहित और समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के कल्याण के लिए लिए गए उनके फैसले देश की दिशा तय कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने अपने व्यक्तिगत संस्मरण साझा करते हुए बताया कि उनके खुद के बच्चे भी नगला तराई के एक साधारण आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़कर आगे बढ़े हैं, जिससे इन संस्थानों की महत्ता स्वतः सिद्ध होती है।

मातृ शक्ति और बाल स्वास्थ्य पर सरकार का विशेष जोर

प्रदेश सरकार की प्राथमिकताओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि माताओं और बच्चों का स्वास्थ्य शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। सुदूर और दुर्गम क्षेत्रों की गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव सुविधाएं देने के लिए बर्थ वेटिंग होम की व्यवस्था की जा रही है। आवश्यकता पड़ने पर एयर एंबुलेंस की मदद भी पहुंचाई जा रही है। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना और मुख्यमंत्री महिला पोषण योजना जैसी पहलों के जरिए महिलाओं को आर्थिक व पोषण संबंधी संबल मिल रहा है। सरकार का स्पष्ट संदेश है कि प्रदेश में कोई भी बच्चा कुपोषित न रहने पाए, जिसके लिए समाज और सरकार को मिलकर काम करना होगा।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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