Hiccup Home Remedies : बातचीत करते समय या खाना खाते वक्त अचानक हिचकी शुरू होना बेहद आम बात है। कई बार यह चंद सेकंड में खुद ठीक हो जाती है, तो कभी लगातार कई मिनटों तक परेशान करती रहती है।
यह कोई बीमारी नहीं, बल्कि हमारे सांस लेने के सिस्टम का एक अचानक होने वाला रिएक्शन है।
अगर आपको अक्सर यह समस्या होती है, तो इसके पीछे की वजह और इसे रोकने के आसान तरीके समझना काफी मददगार हो सकता है।
हिचकी आने के पीछे क्या है वजह?
हमारे फेफड़ों के ठीक नीचे ‘डायफ्राम’ नाम की एक बड़ी मांसपेशी होती है, जो सांस अंदर लेने और बाहर छोड़ने में मदद करती है।
जब हम बहुत जल्दी-जल्दी खाना खाते हैं, ज्यादा हंसते हैं या अचानक कोई उत्तेजना महसूस करते हैं, तो यह मांसपेशी अनियंत्रित होकर सिकुड़ने लगती है।
इस सिकुड़न से वोकल कॉर्ड्स (स्वर तंत्र) का रास्ता पल भर के लिए बंद होता है और गले से “हिक” की आवाज निकलती है।
हिचकी रोकने के असरदार घरेलू तरीके
1. ठंडा पानी घूंट-घूंट करके पिएं
हिचकी आते ही एक गिलास ठंडा पानी लें। इसे एक सांस में गटकने के बजाय धीरे-धीरे छोटे घूंट में पिएं।
जब ठंडा पानी गले से नीचे उतरता है, तो यह वहां की नसों को शांत करता है। इससे डायफ्राम की ऐंठन रुकती है और हिचकी का चक्र टूट जाता है।
2. कुछ सेकंड के लिए सांस रोकें

एक गहरी सांस अंदर लें और जितनी देर सहज महसूस हो, सांस को रोककर रखें।
ऐसा करने से शरीर में कार्बन डाइऑक्साइड का स्तर थोड़ा बढ़ता है, जिससे दिमाग डायफ्राम को रिलैक्स होने का सिग्नल भेजता है। इसके बाद धीरे-धीरे सांस छोड़ें।
3. एक चम्मच शहद लें
शहद गले की अंदरूनी परत को चिकनाई देता है। इसका गाढ़ापन गले की नसों पर एक सुखद असर डालता है, जिससे हिचकी के ट्रिगर्स शांत हो जाते हैं।
आधा से एक चम्मच सादा शहद मुंह में रखकर धीरे-धीरे निगलें।
4. जीभ पर थोड़ी सी चीनी रखें

मुंह में आधा चम्मच चीनी रखकर धीरे-धीरे घुलने दें। चीनी के बारीक कण गले की नसों को एक नया संवेदी संदेश देते हैं, जिससे दिमाग का ध्यान हिचकी वाले रिफ्लेक्स से हट जाता है।
अगर आप डायबिटीज के मरीज हैं, तो चीनी के बजाय पानी या सांस रोकने वाला तरीका ही अपनाएं।
कब लें डॉक्टर की सलाह?

आम तौर पर हिचकी 5 से 10 मिनट में ठीक हो जाती है। यदि किसी व्यक्ति को लगातार 24 से 48 घंटे से अधिक समय तक हिचकी आ रही हो या इसके साथ सीने में दर्द और सांस लेने में कठिनाई महसूस हो, तो बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।









