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देहरादून में भाजपा का कांग्रेस पर तीखा हमला, कहा-अवैध और घुसपैठिए वोटर हुए बाहर

उत्तराखंड में मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण और 9 लाख नाम घटने पर भाजपा ने कांग्रेस पर पलटवार किया है। सुरेश जोशी ने कहा कि हार के डर से विपक्ष भ्रम फैला रहा है।

Published On: October 4, 2026 10:22 PM
BJP state chief spokesperson Suresh Joshi

मुख्य बातें

  • एसआईआर प्रक्रिया के बाद उत्तराखंड मतदाता सूची से लगभग 9 लाख मतदाता कम हुए हैं।
  • भाजपा प्रवक्ता सुरेश जोशी ने कहा कि सबसे ज्यादा नाम पर्वतीय क्षेत्रों में घटे हैं।
  • कांग्रेस पर अवैध और घुसपैठिए वोटर्स को बाहर किए जाने से बौखलाने का आरोप लगाया गया।
  • विपक्ष को बिना सबूत संवैधानिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल न उठाने की नसीहत दी।

देहरादून (04 अक्टूबर) : उत्तराखंड की राजनीति में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर घमासान छिड़ गया है। राज्य में वोटर लिस्ट के शुद्धिकरण के बाद करीब नौ लाख नाम कम होने पर विपक्षी दलों द्वारा लगाए जा रहे गंभीर आरोपों पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखा पलटवार किया है। पार्टी का साफ कहना है कि त्रुटिहीन और पारदर्शी मतदाता सूची तैयार होने से कांग्रेस पार्टी अपनी तय हार को लेकर आशंकित हो चुकी है।

पर्वतीय जिलों में नाम घटने पर छिड़ी बहस

पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान भाजपा के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता सुरेश जोशी ने विपक्ष के दावों को सिरे से खारिज किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पहले यह दावा कर रही थी कि किसी विशेष वर्ग के बहुल क्षेत्रों को निशाना बनाकर उनके नाम सूची से हटाए जा रहे हैं। हालांकि, जमीनी सच्चाई इसके विपरीत है क्योंकि सबसे ज्यादा मतदाताओं के नाम पर्वतीय जिलों में कम हुए हैं, जहां उन समुदायों की संख्या बेहद कम है। इस तथ्य के सामने आने के बाद विपक्षी दलों के सभी दावे बेबुनियाद साबित होते हैं।

चुनाव आयोग की प्रक्रिया पर बेवजह सवाल उठाने का आरोप

आगे बातचीत करते हुए प्रवक्ता ने कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण का पूरा काम तय नियमों, मानकों और चरणों के तहत ही पूरा किया गया है। यदि किसी वैध मतदाता का नाम गलती से सूची से छूट गया है, तो उसके लिए निर्वाचन आयोग की तरफ से स्पष्ट और सुगम प्रक्रिया निर्धारित की गई है। राजनीतिक मंचों से बयानबाजी करने के बजाय उन औपचारिक माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बिना किसी ठोस प्रमाण के तकनीकी व्यवस्थाओं और संवैधानिक संस्थाओं पर अविश्वास का माहौल बनाना लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुकूल नहीं है।

इंडी गठबंधन पर राजनीतिक अस्तित्व बचाने की कोशिश का दावा

भाजपा ने इंडी गठबंधन पर कड़ा प्रहार करते हुए आरोप लगाया कि विपक्षी दल ‘लोकतंत्र बचाओ’ के नाम पर जनता को भ्रमित करने की राजनीति कर रहे हैं। असलियत यह है कि कांग्रेस और उसके सहयोगी अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख बौखलाहट में निराधार दावे कर रहे हैं। जनता अब कोरे नारों और बिना तथ्यों के लगाए गए इल्जामों के झांसे में आने वाली नहीं है, क्योंकि हर नागरिक पारदर्शी और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया का समर्थन करता है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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