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Headphone Side Effects : हेडफोन से प्यार कहीं कानों के लिए न बन जाए खतरा, जानिए बचाव के जरूरी नियम

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Rama Pun Updated Wed, 16 Sep 2026 11:50 AM IST

लगातार और तेज आवाज में हेडफोन का इस्तेमाल कानों की अंदरूनी नसों को नुकसान पहुंचा सकता है। सुरक्षित रहने के लिए वॉल्यूम सीमित रखने और सफाई के साथ 60/60 नियम का पालन करना जरूरी है।

Headphone Side Effects

Headphone Side Effects : ऑफिस मीटिंग्स हों, ऑनलाइन पढ़ाई या फिर पसंदीदा म्यूजिक सुनना, ईयरफोन और हेडफोन हमारी रोजमर्रा की आदत बन चुके हैं।

कई लोग दिन में 6 से 8 घंटे लगातार कानों में बड्स लगाकर रखते हैं। हालांकि, लंबे समय तक तेज आवाज में इनका इस्तेमाल धीरे-धीरे सुनने की क्षमता को कमजोर कर सकता है।

कानों के भीतर कैसे असर डालती है तेज आवाज?

हमारे कान के भीतरी हिस्से में बेहद बारीक और संवेदनशील कोशिकाएं (Hair Cells) होती हैं, जो आवाज की तरंगों को दिमाग तक पहुंचाने का काम करती हैं।

जब हम 85 डेसिबल से अधिक आवाज में देर तक गाने या वीडियो सुनते हैं, तो इन कोशिकाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।

एक बार नष्ट होने के बाद ये कोशिकाएं दोबारा विकसित नहीं होतीं, जिससे सुनने की क्षमता स्थायी तौर पर कम होने लगती है।

टिनिटस और इन्फेक्शन जैसी परेशानियां

टिनिटस (कान में सीटी जैसी आवाज): शांत कमरे में भी कान में घंटी बजने, सीटी या भनभनाहट महसूस होना तेज आवाज के लंबे संपर्क का संकेत है।

फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन: इन-ईयर ईयरबड्स को कान के अंदर लगाने से वहां हवा का प्रवाह रुक जाता है। पसीने और नमी की वजह से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जिससे खुजली, दर्द और सूजन हो सकती है।

ईयर फटीग (कानों की थकान): लगातार घंटों तक आवाज सुनते रहने से कानों में भारीपन और सिरदर्द महसूस होने लगता है।

बच्चों और युवाओं पर इसका असर अधिक क्यों?

कम उम्र में कान के पर्दे और अंदरूनी तंत्र अधिक नाजुक होते हैं। गेमिंग या वीडियो देखते समय युवा अक्सर आवाज बढ़ा लेते हैं, जिससे भविष्य में कम सुनाई देने या कानों में लगातार सनसनाहट की समस्या समय से पहले शुरू हो सकती है।

कानों को सुरक्षित रखने के 4 आसान उपाय

60/60 का नियम अपनाएं: अपनी डिवाइस का वॉल्यूम हमेशा 60 प्रतिशत से नीचे रखें और एक बार में 60 मिनट से ज्यादा देर तक हेडफोन न लगाएं। बीच में कानों को 10-15 मिनट का आराम दें।

नॉइज-कैंसलिंग विकल्प चुनें: बाहर का शोर कम करने के लिए आवाज बढ़ाने के बजाय एक्टिव नॉइज कैंसलेशन (ANC) वाले हेडफोन का उपयोग करें।

नियमित सफाई करें: ईयरबड्स और उनके सिलिकॉन टिप्स को हफ्ते में कम से कम एक बार सूखे या हल्के सैनिटाइजर वाले कपड़े से साफ करें।

ईयरबड्स साझा न करें: अपने ईयरफोन किसी दूसरे व्यक्ति को देने या उनका इस्तेमाल करने से बचें ताकि बैक्टीरिया न फैलें।

अगर हेडफोन हटाने के बाद भी कानों में भारीपन लगे, आवाजें गूंजें या सुनने में तकलीफ हो, तो तुरंत किसी ईएनटी (ENT) विशेषज्ञ से संपर्क करें।

Rama Pun

रमा पुन 'दून हॉराइज़न' में हेल्थ और लाइफस्टाइल संपादक के रूप में अपनी अहम जिम्मेदारी निभा रही हैं। स्वास्थ्य, फिटनेस, खानपान और मानसिक स्वास्थ्य (Mental Health) के विषयों पर उनकी पकड़ बेहद मजबूत है। रमा का फोकस हमेशा मेडिकल एक्सपर्ट्स की पुख्ता सलाह और वैज्ञानिक शोध पर आधारित (Evidence-based) खबरें लिखने पर रहता है। उनका स्पष्ट मानना है कि सेहत से जुड़ी कोई भी जानकारी शत-प्रतिशत प्रामाणिक होनी चाहिए। अपनी आकर्षक और तथ्यपरक लेखनी से वे पाठकों को एक स्वस्थ, तनावमुक्त और संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए निरंतर प्रेरित और जागरूक करती हैं।

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