Magnesium Daily Intake : दिनभर थकान रहना, मांसपेशियों में खिंचाव महसूस होना या ब्लड प्रेशर का ऊपर-नीचे होना—अक्सर हम इन संकेतों को नजरअंदाज कर देते हैं।
शरीर को सुचारू रूप से चलाने के लिए जिन पोषक तत्वों की सबसे ज्यादा जरूरत होती है, उनमें मैग्नीशियम सबसे आगे है। यह न केवल हड्डियों को मजबूत रखता है, बल्कि ब्लड शुगर और दिल की सेहत को भी ठीक बनाए रखने में मदद करता है।
शरीर में क्या काम करता है यह मिनरल?

मैग्नीशियम मांसपेशियों और नसों के काम करने के तरीके को संतुलित रखता है। जब शरीर में नई बोन सेल्स बनती हैं, तब भी इसकी जरूरत पड़ती है।
लंबे समय तक रहने वाली अंदरूनी सूजन को कम करने में भी यह मददगार साबित होता है। अगर शरीर में सूजन बनी रहे, तो आगे चलकर गठिया, दिल की बीमारी और डायबिटीज का खतरा बढ़ सकता है।
मैग्नीशियम इस तरह के जोखिम को घटाने में सहयोग करता है।
उम्र के अनुसार रोज कितना मैग्नीशियम चाहिए?
हर व्यक्ति की शारीरिक जरूरत उसकी उम्र और स्थिति के हिसाब से अलग होती है:
- महिलाएं: 19 से 30 वर्ष की उम्र में रोजाना लगभग 310 मिलीग्राम और 30 साल से ऊपर 320 मिलीग्राम।
- गर्भवती महिलाएं: सामान्य जरूरत से लगभग 40 मिलीग्राम अतिरिक्त।
- पुरुष: 30 वर्ष तक के पुरुषों को 400 मिलीग्राम और 31 वर्ष से अधिक उम्र में 420 मिलीग्राम।
- बच्चे: उम्र के आधार पर 30 से लेकर 410 मिलीग्राम तक (बच्चों के मामले में डॉक्टर की सलाह जरूर लें)।
कमी होने का खतरा किन्हें ज्यादा रहता है?

असंतुलित खानपान के अलावा कुछ खास स्थितियों में मैग्नीशियम की कमी तेजी से हो सकती है:
- जो लोग लंबे समय से टाइप-2 डायबिटीज या पाचन की समस्या से जूझ रहे हैं।
- शराब का अधिक सेवन करने वाले लोग।
- उम्रदराज लोग, जिनका शरीर भोजन से पोषक तत्व पूरी तरह नहीं सोख पाता।
- शरीर में इस मिनरल का स्तर कम होने पर माइग्रेन, हाई ब्लड प्रेशर और हड्डियों के कमजोर होने जैसी दिक्कतें शुरू हो सकती हैं।
क्या जरूरत से ज्यादा मैग्नीशियम नुकसान पहुंचा सकता है?
अगर आप हरी पत्तेदार सब्जियों, मेवों और दालों जैसी सामान्य डाइट से मैग्नीशियम ले रहे हैं, तो स्वस्थ किडनी एक्स्ट्रा मिनरल को पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है।

दिक्कत तब आती है जब बिना सलाह के हाई-डोज सप्लीमेंट्स या मैग्नीशियम वाले एंटासिड लिए जाएं। जरूरत से ज्यादा मात्रा पेट में मरोड़, दस्त या जी मिचलाने का कारण बन सकती है।
अगर आपको मांसपेशियों या नसों से जुड़ी कोई पुरानी बीमारी है, तो कोई भी सप्लीमेंट शुरू करने से पहले डॉक्टर से जांच जरूर कराएं।







