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उत्तराखंड में सीएम धामी का बड़ा एक्शन, दूषित पानी सप्लाई पर नपे 6 इंजीनियर

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 21 Sep 2026 09:23 PM IST

उत्तराखंड के नैनीताल जिले के ज्योलीकोट में दूषित पानी आपूर्ति पर सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। जिला प्रशासन की रिपोर्ट पर जल संस्थान और पेयजल निगम के 6 इंजीनियर तत्काल सस्पेंड कर दिए गए।

Pushkar Singh Dhami Action

मुख्य बातें

  • ज्योलीकोट में गंदा पानी सप्लाई होने पर 6 इंजीनियर तत्काल प्रभाव से निलंबित।
  • नैनीताल जिला प्रशासन की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर शासन ने लिया फैसला।
  • जल संस्थान और पेयजल निगम दोनों महकमों के अफसरों पर गिरी गाज।
  • एक अधिशासी अभियंता को भविष्य के लिए दी गई सख्त चेतावनी।

दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : नैनीताल जिले के ज्योलीकोट इलाके में नलों से दूषित पानी आने की शिकायतों ने सीधे शासन स्तर पर खलबली मचा दी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने जिला प्रशासन की जांच रिपोर्ट मिलते ही उत्तराखण्ड जल संस्थान (Uttarakhand Jal Sansthan) और पेयजल निगम के छह अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड करने का आदेश जारी कर दिया। राज्य में आम लोगों की सेहत से जुड़ी अनदेखी पर संभवतः यह अब तक की सबसे सीधी और बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।

जिला प्रशासन की जांच में खुली पोल

पहाड़ी क्षेत्रों में मानसूनी सीजन के दौरान अक्सर पाइपलाइनों में रिसाव या गंदे स्रोत से पानी मिलने की शिकायतें आती हैं। ज्योलीकोट क्षेत्र में भी जब कई घरों में गंदे पानी की आपूर्ति की बात सामने आई, तो स्थानीय स्तर पर भारी नाराजगी देखने को मिली थी।

मामला तूल पकड़ते ही नैनीताल जिला प्रशासन ने मौके का मुआयना कराया। जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर सामने आया कि तैनात तकनीकी स्टाफ ने नियमित क्लोरीनेशन और पाइपलाइन की निगरानी में गंभीर ढिलाई बरती। इसी आधार पर शासन को निलंबन की संस्तुति भेजी गई थी।

हल्द्वानी से भीमताल तक नपे कई बड़े पद

निलंबन की जद में सिर्फ फील्ड के छोटे कर्मचारी नहीं, बल्कि प्रोजेक्ट और डिविजन स्तर के जिम्मेदार अधिकारी भी आए हैं। कार्रवाई की सूची में जल संस्थान हल्द्वानी के प्रभारी अधीक्षण अभियंता, नैनीताल जल संस्थान के सहायक अभियंता व अपर सहायक अभियंता शामिल हैं।

इसके अलावा पेयजल निगम (Peyjal Nigam) भीमताल के अधिशासी अभियंता, प्रभारी सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंता को भी कुर्सी से हटा दिया गया है। वहीं नैनीताल जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को फिलहाल सख्त हिदायत के साथ चेतावनी देकर छोड़ा गया है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साफ कर दिया है कि जनहित से जुड़े बुनियादी मामलों—खासकर पानी और स्वास्थ्य—में किसी भी स्तर की बहानेबाजी स्वीकार नहीं होगी। इससे ठीक एक दिन पहले शासन ने नीट यूजी 2026 (NEET UG 2026) की राज्य काउंसलिंग में फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले 8 अभ्यर्थियों के दाखिले निरस्त कर सख्त संदेश दिया था।

पेयजल आपूर्ति व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए मुख्यालय स्तर से नैनीताल के प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त तकनीकी टीम भेजने की भी तैयारी चल रही है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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