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बीजेपी दफ्तर में हाईवोल्टेज ड्रामा, बिना सदस्यता बैरंग लौटे कार्यकर्ता

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Mon, 21 Sep 2026 10:18 PM IST

देहरादून स्थित बीजेपी प्रदेश मुख्यालय में सोमवार को चकराता के 60 समर्थकों की प्रस्तावित ज्वाइनिंग पर कैबिनेट मंत्री खजान दास के कड़े विरोध के बाद रोक लग गई।

Khajan Das Chakrata Dispute

मुख्य बातें

  • चकराता से देहरादून पहुंचे 26 परिवारों के 60 लोग बिना सदस्यता लिए बैरंग लौटे।
  • पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान के नेतृत्व में पार्टी मुख्यालय पहुंचे थे समर्थक।
  • कैबिनेट मंत्री खजान दास के सीधे दखल और तीखे विरोध के बाद कार्यक्रम रोका गया।
  • एक दिन पहले ही मंत्री आवास पर कमीशनखोरी और अनदेखी के आरोप लगाकर प्रदर्शन हुआ था।
  • संगठन ने प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की अनुपस्थिति और पूर्व सूचना न होने का हवाला दिया।

दून हॉराइज़न, देहरादून (21 सितंबर) : उत्तराखंड बीजेपी में जौनसार-बावर के चकराता विधानसभा इलाके की अंदरूनी गुटबाजी सोमवार को राजधानी देहरादून स्थित प्रदेश पार्टी मुख्यालय की चौखट पर खुलकर बिखर गई।

पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में शक्ति प्रदर्शन की कोशिश उस वक्त औंधे मुंह गिरी, जब पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष मधु चौहान और दर्जाधारी राज्य मंत्री गीता राम गौड़ की अगुवाई में पहुंचे चकराता के 26 परिवारों के करीब 60 समर्थकों को सदस्यता दिलाए बिना ही वापस भेज दिया गया। समाज कल्याण मंत्री खजान दास के ऐन वक्त पर दफ्तर पहुंचकर किए गए कड़े एतराज के चलते यह समूचा सदस्यता अभियान (BJP Joining Ceremony) बीच में ही ठप करना पड़ा।

आवास से दफ्तर तक पहुंचा योजनाओं का विवाद

इस सियासी टकराव की पृष्ठभूमि चौबीस घंटे पहले रविवार को तैयार हो गई थी। तब चकराता के स्थानीय कार्यकर्ताओं ने यमुना कॉलोनी स्थित कैबिनेट मंत्री खजान दास के सरकारी आवास का घेराव करते हुए जोरदार नारेबाजी की थी।

कार्यकर्ताओं का सीधा आरोप था कि समाज कल्याण विभाग की अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और जनजाति उप योजना (TSP) के तहत स्वीकृत होने वाले विकास कार्यों में मूल कार्यकर्ताओं के प्रस्तावों को दरकिनार किया गया। प्रदर्शनकारियों ने यहां तक आरोप मढ़ा कि विभागीय योजनाओं में करीब 15 से 20 फीसदी की कथित कमीशनखोरी चल रही है और विपक्षी कांग्रेस से ताल्लुक रखने वाले लोगों को रेवड़ियों की तरह लाभ बांटा जा रहा है।

आरोपों की आंच तेज होते ही खजान दास ने दो टूक सफाई दी थी कि अगर इन दावों में एक फीसदी भी सच्चाई निकली, तो वे तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देंगे। मंत्री का तर्क था कि वे किसी एक हल्के के नहीं, बल्कि पूरे राज्य के मंत्री हैं और स्वीकृतियां तय सरकारी प्रक्रिया के तहत ही हुई हैं।

दफ्तर पहुंचे मंत्री और ‘सस्ते आदमी’ वाला तंज

सोमवार दोपहर जब चकराता के लोग गाड़ियों के काफिले के साथ बलबीर रोड स्थित बीजेपी मुख्यालय पहुंचे, तो लगा कि नए चेहरों को जोड़कर क्षेत्र में राजनीतिक बढ़त बनाई जाएगी। माहौल तब पूरी तरह बदल गया जब खजान दास सीधे कार्यालय पहुंच गए।

अंदरखाने तीखा विरोध दर्ज कराने के बाद जब मीडियाकर्मियों ने मंत्री से ज्वाइनिंग रुकवाने की वजह पूछी, तो वे पहले असहज दिखे और सवालों से बचते रहे। फिर अचानक 2027 के विधानसभा चुनाव और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत की बात दोहराने लगे। जब रिपोर्टर्स ने दोबारा टोकते हुए पूछा कि आखिर इन 60 लोगों को पार्टी में क्यों नहीं लिया गया, तो मंत्री ने तंज भरे लहजे में कहा कि वे तो एक “सस्ते आदमी” हैं और तेज कदमों से गाड़ी की तरफ बढ़ गए।

सियासी पंडित इस पूरी तल्खी को चकराता के स्थानीय समीकरणों से जोड़कर देख रहे हैं। दरअसल, चकराता सीट दशकों से कांग्रेस के कद्दावर नेता प्रीतम सिंह का अभेद्य किला रही है, जहां बीजेपी भीतरघात और आपसी खींचतान के चलते कभी कमल नहीं खिला पाई।

संगठन का बचाव और विपक्ष को मिला सियासी हथियार

इस अप्रत्याशित घटनाक्रम पर फजीहत से बचने के लिए संगठन ने तुरंत तकनीकी दांव चला। बीजेपी प्रदेश महामंत्री कुंदन परिहार ने स्थिति संभालते हुए बयान जारी किया कि इस कार्यक्रम की कोई पूर्व सूचना संगठन को विधिवत नहीं दी गई थी। साथ ही प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट की गैर-मौजूदगी को आधार बनाते हुए कार्यक्रम को स्थगित करने की बात कही गई।

बातचीत से मामला सुलझाने के दावे चाहे जितने किए जाएं, लेकिन पार्टी दफ्तर से मायूस होकर चकराता लौटे समर्थकों के भीतर पनपा असंतोष आगामी निकाय और पंचायत चुनावों में संगठन के लिए सिरदर्द साबित हो सकता है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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