ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

Dehradun Ragging Case : “सीनियर करते हैं उत्पीड़न, रोने लगा बच्चा…” देहरादून स्पोर्ट्स कॉलेज में रैगिंग का दवा

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 26 Jun 2026 01:51 PM IST

देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में सीनियर्स द्वारा जूनियर छात्रों के उत्पीड़न और रैगिंग का गंभीर मामला सामने आया है। दूसरी तरफ शिक्षा निदेशालय में चल रहा एलटी समायोजित शिक्षकों का आंदोलन शासन से वार्ता के बाद समाप्त हो गया है।

Dehradun Ragging Case : "सीनियर करते हैं उत्पीड़न, रोने लगा बच्चा..." देहरादून स्पोर्ट्स कॉलेज में रैगिंग का दवा

मुख्य बातें

  • स्पोर्ट्स कॉलेज में दो जूनियर छात्रों के उत्पीड़न का आरोप है।
  • डरे हुए परिजनों ने बच्चों को कॉलेज से वापस निकाला।
  • प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं ने रैगिंग के आरोपों को नकारा है।
  • एलटी समायोजित शिक्षकों ने अपना क्रमिक अनशन खत्म किया।

देहरादून, 26 जून, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Dehradun Ragging Case : महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज में नौवीं कक्षा के सीनियर छात्रों पर जूनियर बच्चों के साथ बेरहमी से मारपीट करने और उनका मानसिक उत्पीड़न करने का सनसनीखेज आरोप लगा है। बागेश्वर से ताल्लुक रखने वाले एक पीड़ित छात्र के परिजनों ने खुलकर इस पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। इस भयावह उत्पीड़न से डरे-सहमे बच्चे बुरी तरह अवसाद की गिरफ्त में आ चुके हैं।

सीनियर्स की इस प्रताड़ना का शिकार हुए ऋषिकेश निवासी एक अन्य छात्र के पिता ने तो हॉस्टल के भीतर लगातार बढ़ते खतरे को देखते हुए अपने बच्चे का दाखिला ही वापस लेने का फैसला कर लिया है।

उन्होंने इसके लिए बाकायदा 22 जून को ट्रांसफर सर्टिफिकेट यानी टीसी लेने के लिए कॉलेज प्रशासन को लिखित आवेदन सौंप दिया है। परिजनों की गैर-मौजूदगी के कारण ये मासूम बच्चे कैंपस के भीतर अपनी आवाज उठाने की हिम्मत भी नहीं जुटा पा रहे थे।

कैंपस के भीतर का माहौल इतना खराब हो चुका है कि सीनियर लड़के छोटे बच्चों को उनके खाने के समय भी लगातार परेशान करते हैं और उनसे जबरन अपने निजी काम करवाते हैं।

बागेश्वर वाले छात्र के परिजन जब अचानक देहरादून अपने बच्चे से मिलने पहुंचे, तो वह उनके सामने फूट-फूटकर रोने लगा। हैरान-परेशान कॉलेज प्रबंधन ने उस वक्त इस मामले को दबाने के लिए परिजनों को ही सलाह दे डाली कि वे फिलहाल अपने बच्चे को कुछ दिनों के लिए घर ले जाएं।

महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज के प्रधानाचार्य राजेश ममगाईं ने इस पूरे मामले में एक बिल्कुल अलग थ्योरी पेश करते हुए रैगिंग की घटना से साफ इनकार कर दिया है। उनका दावा है कि मैदान में खेलते समय लड़कों के बीच केवल मामूली सी आपसी लड़ाई हुई थी।

टीसी के आवेदन पर सफाई देते हुए प्रधानाचार्य ने कहा कि ऋषिकेश वाले छात्र के अभिभावक ने अपने ट्रांसफर की बात कहकर दाखिला वापस मांगा है। दूसरे बच्चे को उसके माता-पिता अपनी मर्जी से केवल 10 दिनों की छुट्टी पर घर लेकर गए हैं।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment