देहरादून, 13 अगस्त, 2026 (दून हॉराइज़न)।
Dehradun Weather Update : तीन दिन तक रुक-रुक कर हुई बारिश के थमते ही देहरादून में तेज धूप खिल गई है। आसमान साफ होते ही अचानक तापमान में 9 डिग्री सेल्सियस का उछाल दर्ज किया गया। पिछले तीन दिनों से सुबह, दोपहर और शाम को लगातार हो रही बारिश की वजह से तापमान गिर गया था।
बुधवार को दिन भर खिली तीखी धूप ने शहर के लोगों को बेहाल कर दिया। देहरादून का अधिकतम तापमान उछलकर 36 डिग्री सेल्सियस पर जा पहुंचा, जबकि न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, नैनीताल, पिथौरागढ़, बागेश्वर और चंपावत जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। पर्वतीय जिलों में कुछ जगहों पर गर्जना के साथ आकाशीय बिजली चमकने की आशंका जताई गई है। इन जिलों में बारिश का तीव्र से अतितीव्र दौर आने का अनुमान जताया गया है।
ऊधमसिंहनगर जिले में भी मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने की संभावना जताई है। मैदानी इलाकों में धूप खिलने के बावजूद पहाड़ों में मौसम की स्थिति लगातार विकट बनी हुई है।
उत्तरकाशी जिले की भटवाड़ी तहसील के भुक्की गांव के पास घटू गाड़ क्षेत्र में अचानक अतिवृष्टि हो गई। मूसलाधार बारिश से घटू गाड़ गदेरे में अचानक पानी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया।
स्थानीय निवासियों के अनुसार बुधवार रात लगभग साढ़े दस बजे घटू गाड़ में पानी का तेज सैलाब आ गया। रात के अंधेरे में उफनते गदेरे के विकराल रूप को देखकर ग्रामीण पूरी तरह सहम गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए तुरंत जिला प्रशासन को घटना की जानकारी दी।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दुल गुसाईं ने भुक्की गांव के सामने वाले गदेरे में उफान आने की पुष्टि की है। प्रशासनिक तंत्र को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है। फिलहाल इस अतिवृष्टि से क्षेत्र में किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर नहीं है।
घटू गाड़ का पानी आगे चलकर भागीरथी नदी में समाहित होता है। गदेरे में आए उफान के कारण भागीरथी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। जलस्तर बढ़ते देख मनेरी भाली बांध परियोजना के अधिकारियों को तत्काल अलर्ट भेजा गया है।

भागीरथी के तटीय और निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित रहने की चेतावनी जारी की गई है। अगर ऊपरी इलाकों में बारिश का दौर जारी रहता है तो निचले क्षेत्रों में खतरे की स्थिति पैदा हो सकती है।
आपदा की संवेदनशील स्थितियों से निपटने के लिए जिला प्रशासन ने तकनीक का सहारा लेना शुरू कर दिया है। अतिवृष्टि और अन्य आपात स्थितियों की रियल टाइम जानकारी जुटाने के लिए संवेदनशील स्थानों पर हाई डेफिनेशन पीटीजेड कैमरे लगाए जा रहे हैं।
सहस्रधारा क्षेत्र के अत्यधिक संवेदनशील कार्लीगाड़ में पीटीजेड कैमरे लगाने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। मालदेवता क्षेत्र में इन अत्याधुनिक कैमरों को स्थापित करने का काम तेजी से चल रहा है।
पर्यटन स्थल सहस्रधारा, मालदेवता और गुच्चूपानी में 24 घंटे रियल टाइम निगरानी की विशेष व्यवस्था की गई है। जलस्तर में अचानक वृद्धि या किसी भी असामान्य प्राकृतिक बदलाव की सूचना इन कैमरों से तुरंत मिल सकेगी।
जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने बताया कि इन कैमरों का सीधा एक्सेस जिला आपदा परिचालन केंद्र से जोड़ दिया गया है। पर्यटक स्थलों पर आने वाले लोगों की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ ही किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू किया जा सकेगा।












