हल्द्वानी। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने शनिवार को साफ लहजे में कहा कि पश्चिम एशिया में बारूद की गंध और वैश्विक अस्थिरता के बावजूद भारत पूरी तरह महफूज है।
उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कूटनीति ने देश के चारों ओर सुरक्षा का ऐसा घेरा खींचा है जिसे दुनिया की कोई भी ताकत भेद नहीं पाएगी। एमबी इंटर कॉलेज के मैदान में ‘जन-जन की सरकार-चार साल बेमिसाल’ कार्यक्रम में पहुंचे रक्षा मंत्री ने ग्लोबल क्राइसिस पर भारत की स्थिति स्पष्ट की।
दुनिया में कोहराम, पर भारत की साख बुलंद

राजनाथ ने कहा कि आज पूरी दुनिया बारूद के ढेर पर बैठी है। रूस-यूक्रेन से लेकर मिडिल ईस्ट तक मची तबाही ने खाद्य और ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है, लेकिन भारत संतुलित है।
उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस के दौर में भारत की आवाज को अनसुना कर दिया जाता था, मगर आज मोदी जो बोलते हैं, दुनिया उसे गौर से सुनती है। उन्होंने जनता से अपील की कि संकट की इस घड़ी में देश को एकजुट रहकर प्रधानमंत्री के हाथों को मजबूत करना होगा।
धामी का चौका, अब 2027 में छक्के की तैयारी?
उत्तराखंड की सियासत पर बात करते हुए राजनाथ सिंह ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की जमकर पीठ थपथपाई। उन्होंने क्रिकेट की भाषा में कहा, “धामी ने 4 साल में विकास का चौका मारा है, और जब 6 साल पूरे होंगे तो वे जीत का छक्का जड़ेंगे।”
रक्षा मंत्री ने दावा किया कि संगठन और सरकार के तालमेल के दम पर 2027 में भाजपा दो-तिहाई बहुमत से दोबारा सत्ता में काबिज होगी। बता दें कि धामी उत्तराखंड में भाजपा के छठे मुख्यमंत्री हैं और राजनाथ ने उनके कार्यकाल को अब तक का सबसे स्थिर और असरदार बताया।
दंगाइयों और कब्जाधारियों की खैर नहीं

मंच से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी कड़े तेवर दिखाए। वनभूलपुरा दंगे और अवैध कब्जों का जिक्र करते हुए सीएम ने कहा कि देवभूमि की जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश करने वालों को सरकार ने ऐसा सबक सिखाया है कि अब कोई सरकारी जमीन छूने से पहले सौ बार सोचता है। उन्होंने साफ किया कि वोट बैंक के लिए तुष्टिकरण करने वाली ताकतों को राज्य में सिर नहीं उठाने दिया जाएगा।
विकास और अध्यात्म का संगम
रक्षा मंत्री ने उत्तराखंड को अध्यात्म और आधुनिकता का केंद्र बताया। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल लाइन और चारधाम ऑल वेदर रोड जैसे प्रोजेक्ट्स ने राज्य की तस्वीर बदल दी है। आर्थिक मोर्चे पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड अब सिर्फ पर्यटन नहीं, बल्कि निवेश का भी हब बन रहा है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए मौके मिल रहे हैं।
आने वाले दिनों में सीमावर्ती क्षेत्रों (Vibrant Villages) में बुनियादी ढांचे को और मजबूत किया जाएगा ताकि सामरिक दृष्टि से राज्य अभेद्य बना रहे। प्रशासन अब 2027 के रोडमैप पर काम शुरू कर चुका है और जल्द ही विकास योजनाओं के अगले चरण की घोषणा की जाएगी।













