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दून में थम सकता है पहिया, पुरानी पेंशन के लिए सड़कों पर उतरेंगे प्रदेशभर के शिक्षक और कर्मचारी

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Fri, 11 Sep 2026 05:42 PM IST

पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाली को लेकर उत्तराखंड के सरकारी कर्मचारी और शिक्षक 13 सितंबर को देहरादून में बड़ा प्रदर्शन करेंगे। परेड ग्राउंड से सीएम आवास कूच की तैयारी।

NMOPS Uttarakhand rally

मुख्य बातें

  • 13 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजे परेड ग्राउंड से शुरू होगा पेंशन मार्च।
  • परेड ग्राउंड से कैंट रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास कूच की सीधी चेतावनी।
  • प्रदेशभर के शिक्षक, अधिकारी और मिनिस्ट्रियल कर्मचारी राजधानी में जुटेंगे।
  • पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन (NMOPS) ने जारी किया आधिकारिक कार्यक्रम।

दून हॉराइज़न, देहरादून (11 सितंबर): उत्तराखंड में पुरानी पेंशन योजना (Old Pension Scheme) की बहाली को लेकर सरकारी कर्मचारियों ने सीधे सूबे की सत्ता के केंद्र की घेराबंदी करने का फैसला किया है। पुरानी पेंशन बहाली राष्ट्रीय आंदोलन यानी एनएमओपीएस (NMOPS) की प्रांतीय इकाई ने 13 सितंबर 2026 को राजधानी देहरादून में विशाल पेंशन मार्च और मुख्यमंत्री आवास घेराव का खुला ऐलान कर दिया है।

संगठन के प्रांतीय अध्यक्ष जीतमणि पैन्यूली और प्रांतीय महामंत्री ई. मुकेश रतूड़ी द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस महारैली में प्रदेश के सभी 13 जिलों से हजारों शिक्षक, प्रशासनिक कर्मी और संवर्गों के पदाधिकारी भाग लेंगे।

परेड ग्राउंड से गूंजेगा नारा, कैंट रोड की ओर होगा कूच

तय कार्यक्रम के मुताबिक, 13 सितंबर की सुबह ठीक 10:00 बजे राज्यभर से आने वाले कर्मचारी देहरादून के ऐतिहासिक परेड ग्राउंड में एकत्रित होंगे। वहां एक जनसभा के बाद यह हुजूम सीधे मुख्यमंत्री आवास (कैंट रोड) की तरफ कूच करेगा। आंदोलनकारियों का साफ कहना है कि सेवानिवृत्ति के बाद सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा पाना उनका बुनियादी हक है, जिसके लिए वे किसी भी वैकल्पिक व्यवस्था से समझौता करने को तैयार नहीं हैं।

राजधानी के व्यस्ततम इलाकों—कनक चौक, सुभाष रोड और दिलाराम चौक—से होकर गुजरने वाले इस संभावित मार्च को देखते हुए जिला पुलिस और प्रशासन भी सतर्क हो गया है। आमतौर पर ऐसे बड़े प्रदर्शनों को रोकने के लिए हाथीबड़कला या दिलाराम बाजार के पास पुलिस मजबूत बैरिकेडिंग लगाती है, जिससे वीकेंड से पहले शहर में भारी ट्रैफिक दबाव और डायवर्जन देखने को मिल सकता है।

केंद्र व राज्य की नई स्कीमों के बीच आर-पार की जंग

दरअसल, यह आंदोलन ऐसे वक्त में हो रहा है जब केंद्र सरकार द्वारा एकीकृत पेंशन योजना (UPS) लाने के बावजूद कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन की मूल व्यवस्था (OPS) पर ही अड़े हुए हैं। आंदोलनकारियों का तर्क है कि बाजार के उतार-चढ़ाव पर आधारित कोई भी व्यवस्था बुढ़ापे का सहारा नहीं बन सकती।

विभिन्न कर्मचारी संघों के बीच समन्वय बना रहे नेताओं ने साफ कर दिया है कि जब तक उत्तराखंड सरकार 2005 के बाद नियुक्त सभी कार्मिकों के लिए पुरानी व्यवस्था बहाल करने का ठोस शासनादेश नहीं निकालती, तब तक चरणबद्ध तरीके से आंदोलन और आक्रामक होगा। 13 सितंबर का यह घेराव सरकार पर नीतिगत फैसले के लिए दबाव बनाने की दिशा में सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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