Spoken Fest : दीया मिर्ज़ा ने स्पोकन फेस्ट में अपनी जिंदगी के उन पन्नों को पलटा जिन्होंने उन्हें एक कलाकार से कहीं ऊपर एक सजग इंसान बनाया। मंच पर आते ही दीया की बातों ने सीधे दर्शकों के दिल पर दस्तक दी।
उन्होंने अपनी स्पीच का विषय ‘Homecoming’ रखा, जो उनके लिए केवल घर वापसी नहीं, बल्कि खुद की पहचान से जुड़ने की प्रक्रिया थी। दीया ने याद किया कि कैसे उनके पिता ने उनके स्कूल की दीवार पर एक विशाल रेनफॉरेस्ट पेंट किया था। पिता के जाने के बाद, वह पेंटिंग ही उनके लिए सुकून का सबसे बड़ा जरिया बनी रही। यही वो दौर था जब उनके भीतर प्रकृति के प्रति एक गहरा प्रेम अंकुरित हुआ।
ग्लैमर की चकाचौंध और करियर की भागदौड़ के बीच एक वक्त ऐसा आया जब दीया ने खुद को खोया हुआ महसूस किया। उस दौरान मध्य प्रदेश के पेंच नेशनल पार्क की उनकी यात्रा ने सब कुछ बदल दिया। जंगलों की उस खामोशी और शुद्ध हवा ने उन्हें फिर से सांस लेना सिखाया। दीया ने साफ कहा कि उसी पल उन्होंने तय किया कि वह अब केवल वही काम करेंगी जिसका कोई ठोस उद्देश्य और इरादा हो।
साल 2026 दीया मिर्ज़ा के लिए बेहद खास है क्योंकि उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में अपनी सफलता के 25 साल मुकम्मल कर लिए हैं। इस सिल्वर जुबली साल में उनके पास प्रोजेक्ट्स की लंबी कतार है। वह ‘ऑपरेशन सफेद सागर’ और ‘इक्का’ जैसी फिल्मों में नजर आएंगी। इसके अलावा, दिग्गज अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ उनकी वेब सीरीज को लेकर भी इंडस्ट्री में काफी चर्चा है।
अपनी खुद की प्रोडक्शन कंपनी ‘वन इंडिया स्टोरीज’ के जरिए वह सार्थक सिनेमा को बढ़ावा दे रही हैं, जिसका सबूत उनकी अवार्ड विनिंग शॉर्ट फिल्म ‘पनाह’ है। फिल्मों से इतर, वह संयुक्त राष्ट्र की सद्भावना दूत के रूप में जलवायु परिवर्तन पर अपनी मुहर लगा रही हैं और इस साल एक लेखिका के तौर पर अपनी नई पारी की शुरुआत करने वाली हैं।








