नई दिल्ली। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़े भीषण युद्ध ने अब भारतीय रसोइयों का बजट और व्यवस्था दोनों बिगाड़ दी है। युद्ध के 12वें दिन हॉर्मुज जलमार्ग से होने वाली गैस सप्लाई बाधित होने के कारण देश में रसोई गैस किल्लत (LPG Shortage) पैदा हो गई है।
हालात इतने खराब हैं कि दिल्ली, यूपी और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों में कमर्शियल गैस की सप्लाई रोक दी गई है, जिसके कारण लोग अब खाना बनाने के लिए बिजली से चलने वाले इंडक्शन स्टोव की ओर रुख कर रहे हैं।
महानगरों में खाली हुए डार्क स्टोर्स
इंडक्शन कुकटॉप्स खरीदने की इस आपाधापी का असर क्विक-कॉमर्स ऐप्स पर साफ दिख रहा है। ब्लिंकिट, जेप्टो और स्विगी इंस्टामार्ट जैसे प्लेटफॉर्म्स पर इंडक्शन कुकटॉप्स के आगे ‘आउट ऑफ स्टॉक’ के बोर्ड लटक गए हैं।
विशेष रूप से बेंगलुरु, चेन्नई, कोलकाता और मुंबई में मांग इतनी बढ़ गई है कि स्टॉक कुछ ही घंटों में साफ हो गया। हालांकि, ग्रेटर नोएडा जैसे इलाकों में जहां पाइप वाली पीएनजी सप्लाई सुचारू है, वहां अभी भी कुछ स्टॉक बचा हुआ है।
सरकार ने लागू किए सख्त नियम
गैस की कमी को देखते हुए सरकार ने घरेलू उपभोक्ताओं के लिए नए नियम लागू किए हैं। अब एक सिलेंडर लेने के बाद दूसरा सिलेंडर बुक करने के लिए 25 दिनों का इंतजार करना अनिवार्य होगा। इस फैसले ने आम जनता के बीच घबराहट पैदा कर दी है।
लोग भविष्य की अनिश्चितता को देखते हुए बिजली के उपकरणों का स्टॉक करने में जुटे हैं। किफायती ब्रांड जैसे पिजन और प्रेस्टीज के मॉडल, जो 1,200 रुपये तक मिल रहे थे, अब बाजार से गायब हैं और केवल महंगे प्रीमियम मॉडल ही उपलब्ध हैं।
रेस्तरां और होटल बंदी की कगार पर
कमर्शियल गैस सप्लाई पर रोक लगने से हॉस्पिटैलिटी सेक्टर पर ताला लगने की नौबत आ गई है। मुंबई में लगभग 20 प्रतिशत छोटे भोजनालय और रेस्टोरेंट बंद हो चुके हैं। होटल एसोसिएशनों ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर इस स्थिति को “विनाशकारी” करार दिया है।
छोटे वेंडर अब हाई-पावर इंडक्शन की तलाश कर रहे हैं, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बाजार में उपकरणों की और भी कमी हो गई है। एक्सपर्ट्स अब ग्राहकों को माइक्रोवेव और इलेक्ट्रिक केतली जैसे विकल्पों पर विचार करने की सलाह दे रहे हैं।









