नई दिल्ली, 06 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। रसोई गैस की किल्लत और डिलीवरी में होने वाली देरी से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है कि अब वे अपने एलपीजी सिलेंडर की ‘पैरेंट एजेंसी’ से घर तक की दूरी को लाइव ट्रैक कर सकते हैं। तेल कंपनियों ने लॉजिस्टिक्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ दिया है, जिससे अब आपको सिलेंडर की स्थिति जानने के लिए गैस एजेंसी के चक्कर काटने या बार-बार फोन करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
संकट के समय क्यों जरूरी है यह तकनीक
बाजार में गैस की सप्लाई चेन में कभी-कभी आने वाले उतार-चढ़ाव के कारण डिलीवरी में 3 से 5 दिनों का समय लग रहा है। ऐसी स्थिति में ग्राहकों को यह स्पष्ट नहीं हो पाता कि उनकी बुकिंग किस स्टेज पर है। रियल-टाइम ट्रैकिंग सिस्टम न केवल पारदर्शिता लाता है, बल्कि उपभोक्ता को यह मानसिक संतुष्टि भी देता है कि उसका ऑर्डर सुरक्षित है और जल्द ही घर पहुंचने वाला है।
मोबाइल ऐप
अगर आप इंडेन (Indane), एचपी (HP Gas) या भारत गैस (Bharat Gas) के ग्राहक हैं, तो इनकी आधिकारिक मोबाइल एप्लीकेशन (जैसे- IndianOil One, HP Pay या Hello BPCL) प्ले स्टोर से डाउनलोड करें। ऐप में लॉग-इन करने के बाद आपको ‘LPG’ सेक्शन में जाकर ‘Track My Booking’ पर क्लिक करना होगा। यहां आपको न केवल डिलीवरी की तारीख, बल्कि डिलीवरी मैन का नाम और उसका मोबाइल नंबर भी मिल जाएगा।
SMS और वेबसाइट का विकल्प
वेबसाइट के जरिए स्टेटस जानने के लिए आपको अपनी 17 अंकों की एलपीजी आईडी (LPG ID) या रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का उपयोग करना होगा। आधिकारिक पोर्टल ‘myLPG.in’ पर जाकर आप किसी भी कंपनी के सिलेंडर की स्थिति देख सकते हैं। इसके अलावा, बुकिंग के समय आने वाले कंफर्मेशन मैसेज में भी एक ट्रैकिंग लिंक भेजा जाता है, जिस पर क्लिक करते ही मैप के जरिए डिलीवरी का स्टेटस दिखने लगता है।
IVRS नंबरों की सूची
डिजिटल ऐप इस्तेमाल न करने वाले ग्राहक नीचे दिए गए टोल-फ्री नंबरों पर कॉल करके भी जानकारी ले सकते हैं:
- Indane Gas: 7718955555
- HP Gas: 7903105555
- Bharat Gas: 7715012345
स्टेटस का सही मतलब समझें
ट्रैकिंग के दौरान आपको चार प्रमुख स्टेटस दिखाई देते हैं। ‘Booked’ का अर्थ है कि आपकी मांग दर्ज हो गई है। ‘Dispatched’ का मतलब है कि सिलेंडर मुख्य गोदाम से आपकी लोकल एजेंसी भेज दिया गया है। जब स्टेटस ‘Out for Delivery’ दिखे, तो समझ लें कि अगले 2 से 4 घंटों में सिलेंडर आपके दरवाजे पर होगा। अंत में, ‘Delivered’ का स्टेटस तभी अपडेट होता है जब आप डिलीवरी बॉय को ओटीपी (OTP) देते हैं।
फर्जीवाड़े से बचने का मंत्र

अक्सर शिकायतें आती हैं कि सिलेंडर डिलीवर हुए बिना ही स्टेटस ‘Delivered’ दिखाने लगता है। इससे बचने के लिए सरकार ने ‘डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड’ (DAC) शुरू किया है। जब तक आप अपने फोन पर आया कोड डिलीवरी बॉय को नहीं देंगे, वह प्रक्रिया पूरी नहीं कर पाएगा। अगर बिना सिलेंडर मिले डिलीवरी का मैसेज आए, तो तुरंत अपनी संबंधित एजेंसी या पेट्रोलियम मंत्रालय के शिकायत पोर्टल पर रिपोर्ट दर्ज कराएं।










