रुद्रपुर, 26 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। ऊधम सिंह नगर जिले के किच्छा में विकास कार्यों को गति देने के लिए प्रशासन ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। किच्छा-पंतनगर सड़क के चौड़ीकरण के आड़े आ रहे लगभग 50 वर्ष पुराने मां काली मंदिर के ढांचे को बुधवार को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई लोक निर्माण विभाग (PWD) की भूमि को अतिक्रमण मुक्त करने और यातायात सुगमता के उद्देश्य से की गई है।
अखाड़े के साथ सहमति और मूर्ति विसर्जन
किच्छा के हल्द्वानी बाईपास पर स्थित यह मंदिर लंबे समय से सड़क विस्तार परियोजना में बाधा बना हुआ था। प्रशासन ने मंदिर का संचालन कर रहे आनंद अखाड़ा को पूर्व में ही नोटिस जारी कर दिया था। कई दौर की आधिकारिक वार्ता के बाद, अखाड़े ने विकास कार्य के महत्व को समझते हुए मूर्ति स्थानांतरण पर सहमति जताई थी।
समझौते के तहत, मां काली की प्रतिमा को अखाड़े द्वारा संचालित एक अन्य मंदिर में स्थापित करने का निर्णय लिया गया, जिसे स्थानीय श्रद्धालुओं ने पूरे विधि-विधान और भव्य शोभायात्रा के साथ संपन्न किया।
सुरक्षा घेरे में हुई ध्वस्तीकरण की कार्रवाई
मूर्ति के सुरक्षित स्थानांतरण के बाद, आज सुबह पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची। किसी भी संभावित विरोध या अव्यवस्था को रोकने के लिए क्षेत्र में कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए थे। देखते ही देखते मंदिर के शेष ढांचे को ढहा दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पूरी प्रक्रिया धार्मिक भावनाओं का सम्मान करते हुए और अखाड़े के पदाधिकारियों की मौजूदगी में पूरी की गई है।
जाम से मिलेगी मुक्ति
स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, किच्छा-पंतनगर मार्ग पर बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए सड़क को चौड़ा करना अनिवार्य हो गया था। बाईपास के इस हिस्से पर मंदिर होने के कारण सड़क संकरी थी, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनी रहती थी। इस परियोजना के पूरा होने से न केवल किच्छा बल्कि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों के यातायात में भी बड़ा सुधार देखने को मिलेगा।









