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Haridwar News : हरिद्वार में पुलिस का ‘ऑपरेशन साइलेंस’, धार्मिक स्थलों से एक झटके में उतारे गए 94 लाउडस्पीकर

हरिद्वार पुलिस ने शनिवार को एक विशेष अभियान के तहत धार्मिक स्थलों पर लगे 94 लाउडस्पीकरों को उतार दिया। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण नियमों के भारी उल्लंघन को देखते हुए की गई है।

Haridwar News : हरिद्वार में पुलिस का 'ऑपरेशन साइलेंस', धार्मिक स्थलों से एक झटके में उतारे गए 94 लाउडस्पीकर

HIGHLIGHTS

  • हरिद्वार में पुलिस ने 94 लाउडस्पीकर हटा दिए।
  • शहरी इलाकों से 31 और ग्रामीण से 63 लाउडस्पीकर उतरे।
  • तय ध्वनि सीमा का पालन न करने पर हुई कार्रवाई।
  • सुप्रीम कोर्ट और सरकारी आदेशों के तहत चला अभियान।

हरिद्वार, 19 जुलाई 2026 (दून हॉराइज़न)।

Haridwar News : ध्वनि प्रदूषण पर लगाम कसने के लिए हरिद्वार पुलिस ने शनिवार को एक विशेष अभियान चलाया। जिले के विभिन्न धार्मिक स्थलों से कुल 94 लाउडस्पीकर हटा दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों की जांच में सामने आया कि ये सभी लाउडस्पीकर निर्धारित ध्वनि सीमा से काफी अधिक तेज आवाज में बज रहे थे।

कार्रवाई का आधार सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और सरकारी आदेश रहे। पुलिस ने इसे सीधे तौर पर ध्वनि प्रदूषण (विनियमन एवं नियंत्रण) नियमों के तहत लागू किया है।

जिले के शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में पुलिस टीमों ने सघन निरीक्षण किया। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आने वाले कई धार्मिक स्थलों की आवाज के डेसिबल की जांच की गई।

ग्रामीण क्षेत्रों में उल्लंघन के सबसे अधिक मामले सामने आए। पुलिस ने शहर के इलाकों से 31 लाउडस्पीकर हटाए। ग्रामीण क्षेत्रों से उतारे गए लाउडस्पीकरों की संख्या 63 रही। इन सभी मामलों में ध्वनि मानकों की पूरी तरह से अनदेखी की जा रही थी।

पुलिस ने अभियान के उद्देश्य को स्पष्ट कर दिया है। किसी विशेष समुदाय या सिर्फ एक धार्मिक स्थल को निशाना नहीं बनाया गया। ध्वनि प्रदूषण नियमों का समान रूप से पालन सुनिश्चित करना ही पुलिस का लक्ष्य है। जहां भी तय मानकों का उल्लंघन मिला, वहां पुलिस ने सीधा एक्शन लिया।

धार्मिक स्थलों का संचालन करने वाले व्यक्तियों और प्रबंधन समितियों को मौके पर ही नियमों की जानकारी दी गई। सक्षम प्राधिकारी से अनुमति लिए बिना लाउडस्पीकर का उपयोग पूरी तरह प्रतिबंधित है।

अनुमति मिल जाने का मतलब मनमानी आवाज करना नहीं है। ध्वनि का स्तर सरकार द्वारा निर्धारित सीमा के भीतर रखना एक अनिवार्य शर्त है।

भविष्य के लिए सख्त चेतावनी जारी कर दी गई है। कोई भी धार्मिक स्थल या संस्थान बिना अनुमति लाउडस्पीकर का इस्तेमाल करेगा तो उसके खिलाफ संबंधित कानूनों के तहत मुकदमा दर्ज होगा। तय ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने वालों पर भी सीधा कानूनी एक्शन लिया जाएगा।

सुप्रीम कोर्ट ध्वनि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए राज्यों को सख्त निर्देश देता रहा है। उत्तराखंड पुलिस विभिन्न जिलों में लगातार निरीक्षण अभियान चला रही है। शनिवार को हरिद्वार में हुई यह कार्रवाई इन्हीं निर्देशों के अनुपालन का हिस्सा है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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