Banana Dosa Recipe : दक्षिण भारतीय रसोई की विविधता केवल इडली और सांभर तक सीमित नहीं है। इस क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजनों में ‘केला डोसा’ एक ऐसा नाम है जो अपनी अनोखी मिठास और सेहतमंद गुणों के कारण लोकप्रिय हो रहा है। आमतौर पर लोग नमकीन डोसा खाने के आदी होते हैं, लेकिन जब वे पहली बार इस मीठे और सॉफ्ट टेक्सचर वाले डोसे को चखते हैं, तो इसके मुरीद हो जाते हैं।
यह डिश विशेष रूप से उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो सुबह की भागदौड़ में कुछ हल्का और ऊर्जा से भरपूर खाना चाहते हैं।
जरूरी सामग्री और तैयारी
इस खास व्यंजन को बनाने के लिए आपको रसोई में मौजूद साधारण चीजों की ही जरूरत पड़ती है। मुख्य सामग्री के रूप में 2 पके हुए मसले हुए केले और 2 कप चावल का आटा चाहिए। यदि आप चाहें तो चावल के स्थान पर गेहूं के आटे का भी प्रयोग कर सकते हैं। मिठास के लिए इसमें स्वादानुसार गुड़ या चीनी का इस्तेमाल किया जाता है।
स्वाद को और बेहतर बनाने के लिए एक चुटकी इलायची पाउडर और सेकने के लिए शुद्ध घी या तेल का इंतजाम कर लें। विशेषज्ञों का मानना है कि गुड़ का उपयोग करने से न केवल यह स्वास्थ्यवर्धक बनता है, बल्कि इसका रंग और स्वाद भी निखर आता है। केला डोसा की सफलता उसके घोल यानी बैटर पर निर्भर करती है। सबसे पहले एक बड़े बर्तन में मसले हुए केले लें और उसमें आटा, गुड़ और इलायची पाउडर को अच्छी तरह मिला लें।
अब इसमें आवश्यकतानुसार धीरे-धीरे पानी डालते हुए एक गाढ़ा मिश्रण तैयार करें। इस प्रक्रिया में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि घोल में आटे की गुठलियां (lumps) बिल्कुल नहीं होनी चाहिए। ध्यान रहे कि यह बैटर सामान्य डोसे के घोल की तुलना में थोड़ा अधिक गाढ़ा रखा जाता है, ताकि इसे तवे पर फैलाते समय यह अपनी जगह पर स्थिर रहे।
एक नॉन-स्टिक तवे को मध्यम आंच पर गर्म करें और उस पर हल्का घी या तेल लगाएं। कलछी की मदद से तैयार बैटर को तवे के केंद्र में डालें और इसे सावधानी से फैलाएं। इसे हमेशा धीमी या मध्यम आंच पर ही पकाना चाहिए ताकि केला और आटा अंदर तक पूरी तरह से पक जाए और कच्चापन न रहे।
जब निचली सतह सुनहरी और हल्की कुरकुरी होने लगे, तो इसे पलट दें। दोनों तरफ से अच्छी तरह सेकने के बाद इसे गरमा-गरम परोसा जा सकता है। यह बच्चों और बड़ों दोनों के लिए एक संपूर्ण आहार है।






