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Uttarakhand Cabinet Meeting 2026 : धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला – अब इंटर पास नहीं, ग्रेजुएट ही बन सकेंगे वन दरोगा

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है, जिसमें वन दरोगा भर्ती के लिए स्नातक (Graduation) अनिवार्य करना और परिवहन निगम के लिए 250 नई बसें खरीदना शामिल है। साथ ही कुंभ मेले के कार्यों में तेजी लाने के लिए मेला अधिकारी और गढ़वाल कमिश्नर के वित्तीय अधिकारों में बड़ी बढ़ोतरी की गई है।

Uttarakhand Cabinet Meeting 2026 : धामी कैबिनेट का बड़ा फैसला - अब इंटर पास नहीं, ग्रेजुएट ही बन सकेंगे वन दरोगा

HIGHLIGHTS

  • वन दरोगा भर्ती के लिए न्यूनतम योग्यता अब इंटरमीडिएट की जगह स्नातक होगी।
  • परिवहन निगम के बेड़े में शामिल होंगी 250 नई बसें, जीएसटी दरों में कमी का मिला लाभ।
  • कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को अब जिला स्तरीय समिति से मिल सकेगी मान्यता।

देहरादून, 30 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को सचिवालय में आयोजित कैबिनेट बैठक (Uttarakhand Cabinet Meeting 2026) में प्रदेश के विकास और प्रशासनिक ढांचे से जुड़े 18 प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

सरकार ने इस बैठक के जरिए युवाओं, तीर्थयात्रियों और स्थानीय ठेकेदारों को बड़ी राहत देने की कोशिश की है। सबसे अहम फैसला वन विभाग की भर्ती नियमावली में बदलाव को लेकर रहा, जहां अब वन दरोगा के पद के लिए शैक्षिक अर्हता को बढ़ा दिया गया है।

वन विभाग और भर्तियों में बड़े बदलाव

कैबिनेट ने उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए वन दरोगा के लिए शैक्षिक योग्यता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया है।

इसके साथ ही अभ्यर्थियों के लिए आयु सीमा में भी बदलाव किया गया है; वन दरोगा के लिए अब आयु 21 से बढ़ाकर 35 वर्ष कर दी गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है। इसके अलावा, लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के बैकलॉग पदों को भरने के लिए 6 नए पदों के सृजन का निर्णय लिया गया है।

कुंभ मेला और बुनियादी ढांचा

आगामी कुंभ मेले की तैयारियों को गति देने के लिए सरकार ने वित्तीय विकेंद्रीकरण का रास्ता साफ किया है। अब कुंभ मेला अधिकारी 1 करोड़ रुपये तक के और गढ़वाल कमिश्नर 5 करोड़ रुपये तक के स्थाई व अस्थाई कार्यों को अपने स्तर पर स्वीकृति दे सकेंगे। इससे अधिक बजट वाले कार्यों के लिए ही फाइल शासन के पास भेजी जाएगी।

परिवहन विभाग को मजबूती देते हुए 250 नई बसों की खरीद को हरी झंडी दी गई है। जीएसटी की दर 28% से घटकर 18% होने के कारण सरकार ने पूर्व में स्वीकृत 100 बसों की संख्या को बढ़ाकर 109 किया और कुल 250 बसों का लक्ष्य रखा है।

मदरसों के लिए नया अध्यादेश और शिक्षा नीति

प्रदेश में संचालित 452 मदरसों को लेकर सरकार ‘अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम’ का अध्यादेश लाने जा रही है। इसके तहत कक्षा 1 से 8 तक चलने वाले करीब 400 मदरसों को अब जिला स्तरीय शिक्षा समिति या सक्षम अधिकारी से मान्यता मिल जाएगी।

हालांकि, 12वीं तक की कक्षाएं चलाने वाले मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेना अनिवार्य होगा। साथ ही, राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब प्रदेश के 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों के प्राचार्यों को भी मिलेगा।

राजस्व और ठेकेदारों को राहत

कैबिनेट ने उत्तराखंड अधिप्राप्ति नियमावली में संशोधन कर ‘D’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ रुपये कर दी है। उप खनिज परिहार नियमावली में बदलाव करते हुए रॉयल्टी की दर 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये कर दी गई है। इसके अलावा, वन क्षेत्र की सीमा में मौन पालन (Honey Bee Keeping) को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग की नई नीति पर भी सहमति जताई गई है।

प्रमुख संशोधनों पर एक नजर

क्षेत्र मुख्य बदलाव / निर्णय
वन विभाग वन दरोगा योग्यता अब स्नातक; आयु सीमा 21-35 वर्ष।
परिवहन 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी; टैक्स बचत का लाभ।
कुंभ मेला मेला अधिकारी को 1 करोड़ और कमिश्नर को 5 करोड़ तक की पावर।
शिक्षा 1-8 तक के मदरसों को जिला स्तर से मान्यता का प्रावधान।
ठेकेदारी D श्रेणी ठेकेदारों के लिए काम की सीमा 1.50 करोड़ हुई।
खनन रॉयल्टी दर में 1 रुपये प्रति कुंतल की बढ़ोतरी।

 


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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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