देहरादून, 30 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 18 प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई। इस बैठक में सरकार ने शिक्षा, रोजगार, धार्मिक पर्यटन और बुनियादी ढांचे को लेकर कई दूरगामी निर्णय लिए हैं। विशेष रूप से मदरसों को मुख्यधारा की शिक्षा से जोड़ने और सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए कड़े प्रावधान किए गए हैं।
मदरसों के लिए नई मान्यता नियमावली
कैबिनेट ने मदरसा शिक्षा के ढांचे में बड़े बदलाव को मंजूरी दी है। अब राज्य के कक्षा 1 से 8 तक संचालित होने वाले मदरसों को जिला स्तरीय समिति से अनिवार्य रूप से मान्यता लेनी होगी। वहीं, कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों के लिए नियम और सख्त करते हुए उन्हें उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्ध होना होगा। सरकार का उद्देश्य मदरसों में दी जा रही शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करना और छात्रों को औपचारिक स्कूली शिक्षा के समकक्ष लाना है।

वन विभाग भर्ती और वेटिंग लिस्ट पर फैसला
सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए कैबिनेट ने दो महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। अब वन दरोगा की भर्ती के लिए शैक्षिक योग्यता को इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक (ग्रेजुएशन) कर दिया गया है। इसके साथ ही आयु सीमा में भी संशोधन किया गया है; वन दरोगा के लिए अब 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी के लिए 18 से 25 वर्ष की आयु निर्धारित की गई है।
पारदर्शिता के लिहाज से सरकार ने यह भी तय किया है कि किसी भी सरकारी भर्ती की प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) अब केवल एक वर्ष के लिए ही वैध मानी जाएगी। इसके बाद रिक्त रहने वाले पदों के लिए नई चयन प्रक्रिया अपनानी होगी।
कुंभ मेले की तैयारियों को मिली गति
आगामी कुंभ मेले के कार्यों में तेजी लाने के लिए सरकार ने वित्तीय अधिकारों का विकेंद्रीकरण किया है। अब 1 करोड़ रुपये तक के कार्यों की स्वीकृति मेला अधिकारी स्वयं दे सकेंगे। 1 से 5 करोड़ रुपये तक के प्रोजेक्ट्स के लिए गढ़वाल आयुक्त को अधिकृत किया गया है, जबकि 5 करोड़ से अधिक की लागत वाले कार्यों के लिए शासन स्तर से अनुमति लेनी होगी। इससे फाइलों के चक्कर कम होंगे और समय पर काम पूरा हो सकेगा।
परिवहन, आबकारी और जनहित के अन्य निर्णय
परिवहन सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए कैबिनेट ने 359 नई बसों की खरीद के प्रस्ताव को हरी झंडी दिखाई है। वहीं, स्थानीय छोटे ठेकेदारों को राहत देते हुए ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा को बढ़ाकर 1.5 करोड़ रुपये कर दिया गया है। राजस्व के मोर्चे पर, आबकारी पर लगने वाले वैट को 12% से घटाकर 6% किया गया है, जबकि खनन पर रॉयल्टी 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है।
| विभाग | प्रमुख निर्णय | असर/लाभ |
| सैनिक कल्याण | पूर्व सैनिकों को मुफ्त कानूनी सहायता | कानूनी मामलों में पूर्व सैनिकों को आर्थिक राहत |
| वन विभाग | वन दरोगा योग्यता अब स्नातक | उच्च शिक्षित युवाओं को विभाग में मौका |
| परिवहन | 359 नई बसों की खरीद | यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी और नई बसें मिलेंगी |
| आबकारी | वैट 12% से घटकर 6% हुआ | राजस्व ढांचे में तकनीकी बदलाव |
| शिक्षा | 21 अशासकीय स्कूल शोध पुरस्कार में शामिल | शोध और नवाचार को बढ़ावा |









