home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

भारत को बदनाम करने की ISI की चाल नाकाम, ईरानी शिप डूबने पर फैलाया था सफेद झूठ

श्रीलंका के पास अमेरिकी हमले में डूबे ईरानी युद्धपोत 'आईआरआईएस देना' (IRIS Dena) को लेकर पाकिस्तान का एक बड़ा अंतरराष्ट्रीय दुष्प्रचार अभियान बेनकाब हो गया है। भारत को बदनाम करने की नीयत से पाकिस्तानी नेटवर्क ने सोशल मीडिया पर यह झूठा नैरेटिव फैलाया कि भारत ने ही अमेरिका को शिप की लोकेशन की गुप्त जानकारी दी थी।

Published On: March 20, 2026 6:55 PM
भारत को बदनाम करने की ISI की चाल नाकाम, ईरानी शिप डूबने पर फैलाया था सफेद झूठ

HIGHLIGHTS

  • ISI का हाथ: डेटा विश्लेषण में सामने आया कि अफवाह फैलाने वाले 40% से अधिक सोशल मीडिया अकाउंट्स सीधे तौर पर पाकिस्तान से जुड़े थे।
  • ऐतिहासिक हमला: अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने पुष्टि की कि द्वितीय विश्व युद्ध के बाद यह पहली बार है जब अमेरिकी नौसेना ने टॉरपीडो से किसी दुश्मन जहाज को डुबोया है।
  • श्रीलंका का सख्त रुख: राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने अपनी तटस्थता बनाए रखने के लिए अमेरिकी लड़ाकू विमानों को अपने हवाई अड्डे पर उतरने की अनुमति देने से इनकार कर दिया।

कोलंबो। हिंद महासागर में श्रीलंका के तट के पास ईरानी युद्धपोत आईआरआईएस देना (IRIS Dena) के डूबने के बाद शुरू हुई भू-राजनीतिक हलचल अब एक बड़े ‘इंफॉर्मेशन वॉर’ में तब्दील हो गई है। हालिया जांच और ओपेन सोर्स इंटेलिजेंस (OSINT) रिपोर्टों ने खुलासा किया है कि इस घटना की आड़ में पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ एक सुनियोजित और जहरीला दुष्प्रचार अभियान चलाया।

4 मार्च को जब अमेरिकी पनडुब्बी ‘यूएसएस शार्लोट’ (USS Charlotte) ने गाले तट से 19 नॉटिकल मील दूर ईरानी फ्रिगेट को निशाना बनाया, तो उसके चंद घंटों के भीतर ही सोशल मीडिया पर भारत विरोधी हैशटैग की बाढ़ आ गई। पाकिस्तानी नेटवर्क ने यह झूठ फैलाया कि विशाखापत्तनम में नौसैनिक अभ्यास (MILAN 2026) से लौट रहे इस जहाज की सटीक लोकेशन भारत ने अमेरिका के साथ साझा की थी।

पाकिस्तान का ‘प्रोपेगैंडा मॉडल’ हुआ फेल

इंटेलिजेंस असेसमेंट के मुताबिक, इस अभियान की शुरुआत @TacticalTribun नामक एक हैंडल से हुई थी, जिसका इतिहास बार-बार यूजरनेम बदलकर भ्रम फैलाने का रहा है। जांच में पाया गया कि इस अफवाह को हवा देने वाले लगभग 100 मुख्य अकाउंट्स में से 40% पाकिस्तानी मूल के थे। इन्होंने महज कुछ घंटों में 500 से ज्यादा पोस्ट किए ताकि ईरान और अन्य मुस्लिम देशों की नजर में भारत की छवि को नुकसान पहुंचाया जा सके।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला रणनीतिक रूप से भी ऐतिहासिक था। पेंटागन ने आधिकारिक तौर पर पुष्टि की है कि ‘मार्क 48’ हैवीवेट टॉरपीडो का इस्तेमाल कर इसे डुबोया गया। यह हमला इतना सटीक था कि आईआरआईएस देना पर मौजूद 180 लोगों में से 84 की मौत हो गई और जहाज महज 3 मिनट के भीतर समुद्र में समा गया।

श्रीलंका ने अमेरिका को दिखाया ‘नो एंट्री’ का बोर्ड

इस तनावपूर्ण माहौल के बीच श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमार दिसानायके ने संसद में बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बताया कि कोलंबो ने अपनी तटस्थता (Neutrality) बनाए रखने के लिए जिबूती से आ रहे दो अमेरिकी लड़ाकू विमानों को ‘मत्ताला इंटरनेशनल एयरपोर्ट’ पर उतरने की अनुमति नहीं दी। अमेरिका चाहता था कि उसके विमान एंटी-शिप मिसाइलों के साथ वहां तैनात रहें, लेकिन श्रीलंका ने इसे ठुकरा दिया।

भारत ने इस पूरे संकट के दौरान मानवीय दृष्टिकोण अपनाया है। जहां पाकिस्तान झूठ फैलाने में व्यस्त था, वहीं भारत ने एक अन्य ईरानी जहाज ‘आईआरआईएस बुशहर’ और उसके चालक दल को सहायता प्रदान की। विशाखापत्तनम से लौटने के बाद भारत की कोई परिचालन जिम्मेदारी नहीं थी, फिर भी भारत ने तकनीकी खराबी झेल रहे ईरानी जहाजों के लिए अपनी सुविधाएं खुली रखीं, जो पाकिस्तान के दावों को पूरी तरह खारिज करता है।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Amit Gawri

अमित गावरी 'दून हॉराइज़न' में राष्ट्रीय समाचार लेखक के रूप में देश भर की ब्रेकिंग न्यूज़ और महत्वपूर्ण घटनाओं को प्रमुखता से कवर करते हैं। चुनाव, सरकारी योजनाओं और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े विषयों पर उनकी खास विशेषज्ञता है। अमित हमेशा तथ्यों की गहराई में जाकर रिपोर्टिंग करते हैं, ताकि पाठकों को किसी भी खबर का हर पहलू स्पष्ट रूप से समझ आ सके। क्लिकबेट से दूर रहकर, वे अपनी खबरों में सटीकता और विश्वसनीयता (Trust) बनाए रखते हैं। उनका जर्नलिस्टिक अप्रोच हमेशा जनसरोकार और सटीक सूचना देने पर ही केंद्रित रहता है।

Leave a Comment