झारग्राम, 21 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। पश्चिम बंगाल के झारग्राम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक सड़क किनारे स्टॉल पर रुककर झालमुड़ी खाना सोशल मीडिया पर एक बड़ी चर्चा का विषय बन गया है। रविवार को चुनाव प्रचार के दौरान लिए गए इस संक्षिप्त विश्राम ने न केवल करोड़ों लोगों का ध्यान खींचा, बल्कि अब भारतीय स्नैक्स को वैश्विक स्तर पर ले जाने की नई बहस भी छेड़ दी है।
प्रधानमंत्री ने रविवार को राज्य में चार जनसभाओं को संबोधित किया था। इसी व्यस्त कार्यक्रम के बीच उन्होंने झारग्राम में स्थानीय झालमुड़ी का आनंद लिया। पीएम मोदी ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी तस्वीरें और वीडियो साझा करते हुए लिखा, “पश्चिम बंगाल में व्यस्त रविवार के बीच, मैंने झारग्राम में स्वादिष्ट और तीखी झालमुड़ी का स्वाद लिया।”
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर टूटा रिकॉर्ड
इस दौरे का असर डिजिटल दुनिया में तत्काल देखने को मिला। इंस्टाग्राम पर इस वीडियो को महज 24 घंटे के भीतर 100 मिलियन (10 करोड़) से अधिक व्यूज मिले, जबकि फेसबुक पर यह आंकड़ा 90 मिलियन (9 करोड़) के करीब रहा। इतना ही नहीं, गूगल पर ‘Jhalmuri’ सर्च करने वाले लोगों की संख्या में इतनी बढ़ोतरी हुई कि इसने पिछले 22 सालों का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
हर्ष गोयनका का ‘बिजनेस विजन’
इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए आरपीजी ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने मंगलवार को एक दिलचस्प सुझाव दिया। गोयनका ने कहा कि पीएम मोदी के इस छोटे से कदम ने एक पूरे उद्योग को नई ऊंचाइयां देने की क्षमता दिखाई है। उन्होंने झालमुड़ी को ‘भारत का सर्वश्रेष्ठ स्ट्रीट फूड’ बताते हुए इसे वैश्विक स्वास्थ्य रुझानों (जैसे क्विनोआ और एवोकाडो) के साथ जोड़ने की बात कही।

गोयनका ने सोशल मीडिया पर लिखा, “अगर कोई इसे ‘एयर-इन्फ्यूज्ड इंडिजिनस राइस क्रैकल’ और ‘आर्टिसनल मस्टर्ड ऑयल रिडक्शन’ जैसे फैंसी नाम के साथ ब्रांड करे, तो यह 450 रुपये का डेलीकेसी बन सकता है।” उन्होंने इसके पक्ष में तर्क दिया कि यह हल्का है, तीखा है और ‘सबका साथ, सबका विकास’ की तरह सस्ता और सुलभ भी है।
साधारण स्नैक, वैश्विक अपील
उद्योग जगत के विशेषज्ञों का मानना है कि झालमुड़ी की सरलता ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है। गोयनका के अनुसार, जटिल आहार (Diets) और भू-राजनीति की दुनिया में झालमुड़ी एक सरल विकल्प है—बस मिलाएं और खाएं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि इसे सही तरीके से अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश किया जाए, तो यह भारत का अगला बड़ा ग्लोबल एक्सपोर्ट बन सकता है।









