नई दिल्ली। देश की राजधानी और आसपास के इलाकों में रविवार तड़के हुई तेज बारिश ने मार्च के महीने में जून जैसी तपिश झेल रहे लोगों को बड़ी राहत दी है। दिल्ली-NCR के आसमान में सुबह से ही घने बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाओं के चलने से ठिठुरन महसूस की जा रही है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने रविवार के लिए दिल्ली में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। विभाग के मुताबिक, दिन भर 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और गरज के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार बने हुए हैं।
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के सक्रिय होने से मध्य पाकिस्तान और उससे सटे पंजाब-हरियाणा के ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बन गया है। इसके असर से न केवल दिल्ली, बल्कि उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड में भी अगले 48 घंटों तक बादल छाए रहेंगे।
विशेषज्ञों का कहना है कि इस साल मानसून-पूर्व बारिश अपने तय समय से करीब 10 दिन पहले ही शुरू हो गई है। यह बदलाव पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में आए मजबूत विक्षोभ और पिछले कुछ दिनों में बढ़े अत्यधिक तापमान के आपसी तालमेल का नतीजा है।
राजस्थान में भी मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। बाड़मेर और जैसलमेर जैसे गर्म इलाकों में अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे आ गया है, जिससे फिलहाल लू चलने की कोई संभावना नहीं है।
मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, 18 से 20 मार्च के बीच एक और नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने वाला है। इसके प्रभाव से गंगानगर, हनुमानगढ़ और शेखावाटी क्षेत्रों में 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से धूल भरी आंधी और बारिश हो सकती है।

मध्य भारत के राज्यों छत्तीसगढ़ और मध्य प्रदेश में भी 18 मार्च तक अलग-अलग स्थानों पर मौसम बिगड़ा रहेगा। कुछ संवेदनशील इलाकों में हवा की रफ्तार 70 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जिससे जनजीवन प्रभावित होने की आशंका है।
सिक्किम, पश्चिम बंगाल और ओडिशा में भी अगले तीन दिनों तक आंधी-तूफान के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। तापमान में आई इस अचानक गिरावट से फसलों को लेकर किसानों की चिंता बढ़ गई है, हालांकि आम जनता के लिए यह राहत की खबर है।









