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Paper Leak Protest : दिल्ली में पेपर लीक प्रदर्शन पर बोले सीएम धामी, छात्रों को राजनीतिक मोहरा बना रहे लोग

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Thu, 23 Jul 2026 06:29 PM IST

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली में चल रहे पेपर लीक विरोध प्रदर्शनों को राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए राज्य में हुई सख्त कार्रवाइयों का ब्योरा सामने रखा।

Paper Leak Protest : दिल्ली में पेपर लीक प्रदर्शन पर बोले सीएम धामी, छात्रों को राजनीतिक मोहरा बना रहे लोग

मुख्य बातें

  • दिल्ली पेपर लीक प्रदर्शन के पीछे राजनीतिक रणनीति का आरोप
  • छात्रों को मोहरा बनाकर निजी हित साधने का दावा
  • फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के फैसले का जोरदार स्वागत
  • उत्तराखंड में 100 से अधिक आरोपियों पर अब तक कार्रवाई

देहरादून, 23 जुलाई, 2026 (दून हॉराइज़न)।

Paper Leak Protest : दिल्ली की सड़कों पर पेपर लीक के मुद्दे को लेकर जारी विरोध प्रदर्शनों पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि यह पूरा आंदोलन अब केवल परीक्षार्थियों की समस्याओं तक सीमित नहीं रहा। इसके पीछे बाकायदा एक सोची-समझी राजनीतिक रणनीति काम कर रही है।

कुछ विशिष्ट राजनीतिक समूह अपनी रोटियां सेकने के लिए अभ्यर्थियों के कंधों का इस्तेमाल कर रहे हैं। युवाओं को मोहरा बनाकर अपने छिपे हुए राजनीतिक मकसद साधे जा रहे हैं। अगर यह प्रदर्शन केवल अभ्यर्थियों की वास्तविक मांगों और चिंताओं को लेकर होता तो स्थिति बिल्कुल अलग होती। जिस तरीके से पूरे मामले को मोड़कर राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, उसने इस आंदोलन के पीछे की नीयत और वास्तविक उद्देश्यों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए हालिया कदम का पुरजोर समर्थन किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से पेपर लीक जैसे संगीन मामलों की सुनवाई के लिए विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की बात कही गई है। धामी ने इस घोषणा को देश के करोड़ों युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने वाला दूरदर्शी फैसला बताया।

केंद्र सरकार का यह कदम साबित करता है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता लाने के लिए प्रशासन पूरी तरह गंभीर है। फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना से मुकदमों का निपटारा महीनों और सालों में लटकने के बजाय तेजी से हो सकेगा। दोषियों को बिना किसी देरी के सख्त से सख्त सजा मिलेगी, जिससे भविष्य में ऐसी हरकतें करने वालों के मन में खौफ पैदा होगा।

उत्तराखंड के भीतर राज्य सरकार द्वारा भर्ती घोटालों पर चलाए गए बुलडोजर का जिक्र करते हुए सीएम ने कड़ा संदेश दिया। राज्य में अब तक धांधली और पेपर लीक में लिप्त 100 से ज्यादा रसूखदार आरोपियों को दबोचकर सलाखों के पीछे धकेला जा चुका है।

सख्त कानून और सख्त कार्रवाई के दम पर प्रदेश में पूरी तरह पारदर्शी परीक्षा प्रणाली लागू की गई है। इसी निष्पक्ष प्रक्रिया के बल पर हाल के दिनों में हजारों योग्य और मेहनती युवाओं को बिना किसी सिफारिश के सरकारी नौकरियां हासिल हुई हैं।

सरकार प्रदेश के युवाओं के अधिकारों की सुरक्षा और पारदर्शी भर्ती चक्र के लिए अंतिम सांस तक प्रतिबद्ध है। धांधली करने वाले गिरोहों और उनके आकाओं के खिलाफ आगे भी बिना किसी ढिलाई के कड़े कदम उठाए जाते रहेंगे। ईमानदारी से दिन-रात पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थियों के हकों पर डाका डालने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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