ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम बिज़नेस खेल मनोरंजन ऑटो गैजेट्स धर्म राशिफल आज का पंचांग
हेल्थ लाइफस्टाइल करियर ट्रेंडिंग

बच्चे को चुप कराने के लिए फोन देना पड़ा भारी, घर पहुंचे पार्सल देख उड़े माता-पिता के होश

रोना बंद कराने के लिए माता-पिता ने 22 महीने के बच्चे को मोबाइल थमाया, लेकिन उसने खेल-खेल में 1.40 लाख रुपये का फर्नीचर ऑर्डर कर दिया। दरवाजे पर जब डिलीवरी वैन पहुंची, तब खुली पोल।

Published On: October 1, 2026 8:56 PM
Toddler Accidentally Orders Online

HIGHLIGHTS

  • 22 महीने के अयांश ने फोन पर टैप कर करीब 1.40 लाख रुपये की खरीदारी की।
  • फोन की ऑनलाइन शॉपिंग कार्ट (Online Shopping Cart) में फर्नीचर पहले से सेव था।
  • दरवाजे पर लगातार डिलीवर होते बक्से देखकर माता-पिता के होश उड़ गए।
  • गलती का अहसास होने के बाद परिजनों ने फोन की सुरक्षा सेटिंग्स बदल दीं।

रोते हुए बच्चे को शांत कराने के लिए हाथ में मोबाइल थमाना एक भारतीय परिवार को सवा लाख रुपये से ज्यादा का झटका दे गया। अमेरिका के न्यू जर्सी में बसे भारतीय मूल के दंपति प्रमोद कुमार और मधु कुमार का 22 महीने का बेटा अयांश अभी ठीक से बोलना या पढ़ना भी नहीं जानता। उसने मां के फोन की स्क्रीन पर महज कुछ सेकंड उंगलियां फिराईं और देखते ही देखते घर पर भारी-भरकम पार्सल का तांता लग गया।

कार्ट में सेव था सामान, एक क्लिक पर हुआ खेल

दरअसल, मधु कुमार अपने नए मकान के लिए वॉलमार्ट की वेबसाइट से कुछ सामान पसंद कर रही थीं। उन्होंने डाइनिंग चेयर, डेकोरेशन का सामान और कई स्टैंड कार्ट में जोड़ रखे थे। उनका इरादा बाद में फुर्सत से बैठकर यह तय करने का था कि इनमें से क्या खरीदना है और क्या हटाना है। इसी बीच बच्चा मचलने लगा। जिद छुड़ाने के लिए पिता ने फोन उसके हाथ में थमा दिया।

अयांश ने स्क्रीन पर अंगूठा घसीटा। ऐप पहले से खुला था, डिलीवरी का पता सुरक्षित था और कार्ड का वन-क्लिक पेमेंट (One-Click Payment) मोड एक्टिव था। बच्चा सिर्फ चमकती हुई स्क्रीन को छूता रहा और कार्ट में रखा पूरा का पूरा फर्नीचर बुक हो गया।

दरवाजे पर वैन रुकी तो हुआ गलती का अहसास

ऑर्डर पूरा होने पर न तो कोई अलर्ट परिवार की नजर में आया और न ही किसी को भनक लगी। दो दिन बाद दरवाजे की घंटी बजी। बाहर एक डिलीवरी ट्रक खड़ा था, जिसमें से बड़े-बड़े गत्ते के डिब्बे उतारे जाने लगे। पहले तो दंपति को लगा कि किसी रिश्तेदार या दोस्त ने नए घर के लिए कोई तोहफा भेजा है।

लेकिन जब डिब्बों की कतार लंबी होती गई, तब प्रमोद ने इनवॉइस बिल चेक किया। बिल पर ऑर्डर का समय देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। यह वही वक्त था जब फोन अयांश के नन्हे हाथों में खेल रहा था। कुल मिलाकर 1,700 डॉलर यानी करीब 1.40 लाख रुपये की खरीदारी बिना किसी की जानकारी के पूरी हो चुकी थी।

छोटी सी चूक और बड़ा नुकसान 

अक्सर माता-पिता बच्चों को वीडियो दिखाकर या गेम लगाकर उलझाए रखने के लिए अपना मुख्य फोन दे देते हैं। इस घटना के बाद वॉलमार्ट ने ग्राहक सेवा के तहत अधिकांश गैर-जरूरी सामान वापस लेने की सहमति दे दी, जिससे परिवार को बड़ी राहत मिली।

लेकिन हर मामले में कंपनी रिफंड दे, यह जरूरी नहीं होता। ई-कॉमर्स ऐप्स पर हमेशा पासवर्ड या फिंगरप्रिंट ऑथेंटिकेशन ऑन रखें। अगर बच्चे को फोन देना ही पड़े, तो स्क्रीन पिनिंग या ‘किड्स मोड’ (Kids Mode) चालू करके दें, ताकि वे मुख्य स्क्रीन और वित्तीय ऐप्स तक न पहुंच सकें।

Gudiya Sagar

गुड़िया सागर 'दून हॉराइज़न' की मल्टीमीडिया और ट्रेंडिंग न्यूज़ प्रोड्यूसर हैं। वे करियर, वायरल खबरों और वीडियो जर्नलिज्म में विशेष विशेषज्ञता रखती हैं। डिजिटल मीडिया के बदलते ट्रेंड्स और युवाओं की पसंद को समझना गुड़िया की सबसे बड़ी ताकत है। सरकारी नौकरियों, शिक्षा और करियर से जुड़ी हर अहम जानकारी वे पूरी फैक्ट-चेकिंग के बाद ही युवाओं तक पहुंचाती हैं। इंटरनेट पर वायरल हो रही भ्रामक खबरों की सच्चाई (Fact Check) सामने लाने और वीडियो फॉर्मेट में निष्पक्ष खबरें पेश करने के लिए गुड़िया को पत्रकारिता जगत में विशेष रूप से जाना जाता है।

Leave a Comment