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जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले सिपाही पर पिथौरागढ़ एसपी की कार्रवाई, नौकरी से किया बर्खास्त

दून हॉराइज़न ब्यूरो,
Published by: Harpreet Singh Updated Wed, 05 Aug 2026 02:55 PM IST

पिथौरागढ़ पुलिस ने नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले सिपाही शेर सिंह को नौकरी से बर्खास्त कर दिया है। सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली के उल्लंघन और अनुशासनहीनता के चलते एसपी ने यह सख्त विभागीय कार्रवाई की है।

Uttarakhand Police Constable Sher Singh Dismissed From Service

मुख्य बातें

  • सिपाही शेर सिंह को पुलिस सेवा से बर्खास्त किया गया।
  • जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान दिया था इस्तीफा।
  • 28 जून से बिना बताए अपनी ड्यूटी से गायब थे।
  • हरिद्वार में जमीन कब्जाने के मामले में एफआईआर दर्ज है।

पिथौरागढ़, 5 अगस्त 2026 (दून हॉराइज़न)।

उत्तराखंड पुलिस महकमे ने एक सख्त कदम उठाते हुए पिथौरागढ़ जिले में तैनात सिपाही शेर सिंह को नौकरी से निकाल दिया है। यह कार्रवाई नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन में उनकी हिस्सेदारी के बाद हुई है। पुलिस विभाग ने इस कृत्य को सेवा नियमों का गंभीर उल्लंघन माना है। एक सरकारी कर्मचारी का राजनीतिक मंच से इस तरह का व्यवहार सीधे तौर पर विभागीय मर्यादाओं को तोड़ता है।

पिथौरागढ़ के पुलिस अधीक्षक अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने सिपाही की बर्खास्तगी की पुष्टि की है। एक आधिकारिक बातचीत में उन्होंने स्पष्ट किया कि यह पूरी कार्रवाई उत्तराखंड पुलिस अधिनियम, 2007 के प्रावधानों के तहत की गई है। शेर सिंह को तत्काल प्रभाव से सेवा से मुक्त कर दिया गया है। यह आदेश जारी होते ही महकमे में यह संदेश गया है कि नियमों की अनदेखी और राजनीतिक गतिविधियों में संलिप्तता किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी।

इस फैसले से पहले एक विस्तृत विभागीय जांच की गई थी। अधिकारियों ने आधिकारिक रिकॉर्ड और सिपाही के बयानों की पूरी तरह से समीक्षा की। जांच से जुड़े निष्कर्षों ने साबित कर दिया कि सिपाही का आचरण गंभीर कदाचार की श्रेणी में आता है। उन्होंने सीधे तौर पर उत्तराखंड सरकारी कर्मचारी आचरण नियमावली, 2002 के नियमों को तोड़ा है। सरकारी वर्दी में रहते हुए कोई भी कर्मचारी इस तरह के धरने-प्रदर्शन का हिस्सा नहीं बन सकता।

पुलिस बल में अनुशासन सबसे अहम कड़ी होती है। एसपी अक्षय प्रह्लाद कोंडे ने स्पष्ट किया कि जनता का पुलिस पर भरोसा कायम रखना विभाग की पहली प्राथमिकता है। उत्तराखंड पुलिस अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार के मामलों में जीरो-टॉलरेंस की नीति पर चलती है। सर्विस नियमों को ताक पर रखने वाले किसी भी कर्मचारी को विभाग में जगह नहीं दी जा सकती। यह सख्त कार्रवाई अन्य कर्मचारियों के लिए भी एक स्पष्ट चेतावनी का काम करेगी।

सिपाही शेर सिंह का मामला कुछ दिन पहले ही सुर्खियों में आया था। उनका एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से वायरल हुआ। इस वीडियो में वह नई दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के एक मंच पर खड़े थे। हाथ में माइक लेकर वह सीधे वहां मौजूद भीड़ को संबोधित कर रहे थे। उसी मंच से उन्होंने पुलिस की नौकरी से अपने इस्तीफे का सार्वजनिक ऐलान कर दिया था।

भाषण के दौरान शेर सिंह ने उत्तराखंड की राज्य भर्ती परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार होने के गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने मंच से दावा किया कि उत्तराखंड पटवारी भर्ती परीक्षा के प्रश्न-पत्र किराने की दुकानों पर बेचे जा रहे थे। इस बयान ने राज्य सरकार और पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर सीधे सवाल खड़े कर दिए। मंच से लगाए गए इन आरोपों ने प्रशासनिक हलकों में काफी बेचैनी पैदा कर दी थी।

पुलिस विभाग ने सिपाही की सर्विस स्थिति को लेकर पूरी टाइमलाइन साफ कर दी है। शेर सिंह 28 जून से बिना किसी पूर्व अनुमति के अपनी सरकारी ड्यूटी से गैर-हाजिर चल रहे थे। ड्यूटी से इस तरह नदारद रहने को विभाग ने गंभीरता से लिया। इसी अनुपस्थिति के कारण उन्हें बीते 20 जुलाई को ही निलंबित किया जा चुका था। निलंबन के बाद भी उनका आचरण पुलिस मैनुअल के खिलाफ बना रहा।

शेर सिंह का आपराधिक विवादों से भी पुराना नाता रहा है। विभागीय अधिकारियों ने उनके पूर्व के रिकॉर्ड की जानकारी साझा की है। पिछले साल हरिद्वार जिले में जमीन हड़पने का एक बड़ा मामला सामने आया था। उस कथित जमीन कब्जाने के मामले में दर्ज एफआईआर में सिपाही शेर सिंह का नाम नामजद है। यह मुकदमा उनके पेशेवर आचरण पर पहले से ही एक बड़ा दाग लगा चुका था।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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