Dressing Table Vastu : घर के बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल महज फर्नीचर का एक टुकड़ा नहीं है, बल्कि यह घर की ऊर्जा और महिलाओं के सौभाग्य से सीधा संबंध रखता है।
वास्तु शास्त्र के जानकारों का मानना है कि यदि स्त्रियां सही दिशा में बैठकर शृंगार करती हैं, तो इससे जीवन में सकारात्मकता आती है। वहीं, इसके विपरीत गलत स्थान पर रखा गया दर्पण दांपत्य जीवन की खुशियों को ग्रहण लगा सकता है।
इन दिशाओं में रखें ड्रेसिंग टेबल
वास्तु के नियमों के अनुसार, बेडरूम में ड्रेसिंग टेबल रखने के लिए पूर्व, पश्चिम या उत्तर दिशा को सबसे उत्तम माना गया है। अगर आप इन मुख्य दिशाओं में जगह नहीं बना पा रहे हैं, तो पूर्वोत्तर (ईशान कोण) या पश्चिमोत्तर (वायव्य कोण) दिशाओं का चुनाव भी कर सकते हैं।
मान्यता है कि इन कोनों में ड्रेसिंग टेबल रखने से पति-पत्नी के बीच आपसी तालमेल बढ़ता है और वैवाहिक रिश्तों में मधुरता बनी रहती है। यह दिशाएं मानसिक शांति और सौंदर्य बोध को भी बढ़ावा देती हैं।
भूलकर भी न चुनें यह स्थान
ड्रेसिंग टेबल को कभी भी दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम या दक्षिण-पूर्व दिशा में नहीं रखना चाहिए। दक्षिण-पूर्व दिशा को अग्नि का क्षेत्र माना जाता है और वहां दर्पण (जो जल तत्व का प्रतीक है) रखना भारी वास्तु दोष पैदा करता है।
यह स्थिति घर के सदस्यों के लिए दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ा सकती है। इसके अलावा, दक्षिण दिशा में रखी ड्रेसिंग टेबल पर शृंगार करना जीवनसाथी के स्वास्थ्य को खराब कर सकता है। इससे घर के मांगलिक कार्यों में बाधाएं आती हैं और बेवजह का धन संकट खड़ा हो जाता है।
आईने से जुड़ी सावधानियां

ड्रेसिंग टेबल चुनते समय उसके दर्पण की बनावट पर ध्यान देना भी जरूरी है। कोशिश करें कि आईना बहुत ज्यादा बड़ा न हो। वास्तु के अनुसार गोल आकृति के शीशे को बेडरूम में लगाने से बचना चाहिए, इसके अलावा आप अन्य किसी भी ठोस आकृति का चुनाव कर सकते हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि यदि आईना कहीं से चटका हुआ, टूटा हुआ या नुकीला है, तो उसे तुरंत हटा दें। टूटा हुआ शीशा घर में दरिद्रता और तनाव को न्योता देता है। इसलिए घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने के लिए इन वास्तु युक्तियों का पालन करना श्रेयस्कर रहता है।










