धर्म डेस्क, 07 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। वास्तु शास्त्र में ऊर्जा के संतुलन को ही सुखी जीवन का आधार माना गया है (Vastu Tips For Home) जहां घर का कोना-कोना आपकी तरक्की या पतन की कहानी लिखता है।
अक्सर हम भावनात्मक लगाव या ‘कभी काम आएगा’ वाली सोच के चलते घर में कबाड़ इकट्ठा कर लेते हैं, लेकिन यही कबाड़ असल में ‘ऊर्जा का अवरोधक’ (Energy Blockage) बन जाता है।
जब घर के कोनों, अलमारियों या स्टोर रूम में धूल खाता सामान जमा होता है, तो वहां सकारात्मक ऊर्जा का संचार थम जाता है, जिससे बिना किसी ठोस कारण के परिवार में चिड़चिड़ापन, आर्थिक तंगी और कलह की स्थिति पैदा होने लगती है।
इन 7 चीजों को घर से तुरंत करें विदा
टूटा कांच और दरार वाले शीशे: टूटा हुआ आईना या कांच के बर्तन वास्तु में सबसे घातक माने गए हैं। यह सीधे तौर पर राहु के नकारात्मक प्रभाव को आमंत्रित करते हैं और घर के सदस्यों के बीच अविश्वास पैदा करते हैं। यदि किसी खिड़की या अलमारी का कांच भी चटका हुआ है, तो उसे बदलना अनिवार्य है।
रुकी हुई घड़ियां: समय का पहिया जीवन की गति का प्रतीक है। बंद पड़ी घड़ी यह संकेत देती है कि आपके जीवन का शुभ समय ठहर गया है। यह कॅरियर में रुकावट और महत्वपूर्ण अवसरों के हाथ से निकल जाने का मुख्य कारण बनती है।
टूटा फर्नीचर: घर में ऐसी कुर्सियां, मेज या पलंग जिनका जोड़ हिल रहा हो या जो टूटे हुए हों, वे दुर्भाग्य को आकर्षित करते हैं। यह न केवल शारीरिक कष्ट का कारण बन सकते हैं, बल्कि घर की आर्थिक रीढ़ को भी कमजोर करते हैं।
पुराने फटे कपड़े: कपड़ों का सीधा संबंध शुक्र ग्रह से होता है, जो सुख-सुविधाओं का कारक है। फटे-पुराने और बदबूदार कपड़े घर में दरिद्रता लाते हैं। बेहतर है कि इन्हें जरूरतमंदों को दान कर दें या रिसाइकिल करें।
खराब इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स: खराब पड़े मोबाइल, पुराने चार्जर, खराब टीवी या रिमोट मानसिक शांति भंग करते हैं। ये चीजें ‘डेड एनर्जी’ का स्रोत होती हैं, जो व्यक्ति को पुराने तनाव से बाहर निकलने नहीं देतीं।
मुरझाए और सूखे पौधे: घर की हरियाली खुशहाली लाती है, लेकिन अगर पौधे सूख चुके हैं या गमले में सिर्फ सूखी टहनियां बची हैं, तो वे मृत्यु और निराशा की ऊर्जा छोड़ते हैं। इन्हें हटाकर तुरंत नए और स्वस्थ पौधे लगाना भाग्यवर्धक होता है।
कागज का कबाड़ और पुराने बिल: सालों पुराने अखबार, रद्दी और फालतू के कागजात घर में राहु और केतु के प्रभाव को बढ़ाते हैं। यह अव्यवस्था आपके निर्णय लेने की क्षमता को धुंधला कर देती है।
साफ-सफाई से खुलते हैं समृद्धि के द्वार
वास्तु विज्ञान कहता है कि जब आप अपने परिवेश से अनुपयोगी सामान हटाते हैं, तो ब्रह्मांडीय ऊर्जा के लिए नया स्थान बनता है। घर का हल्कापन सीधे तौर पर आपके मस्तिष्क को प्रभावित करता है, जिससे रचनात्मक विचार आते हैं।
एक व्यवस्थित घर में रहने वाले लोगों की कार्यक्षमता उन लोगों से कहीं अधिक होती है, जो कबाड़ के बीच रहते हैं। इसलिए, अपने घर को केवल ईंट-पत्थर का ढांचा न समझें, इसे सकारात्मकता का केंद्र बनाने के लिए नियमित सफाई और कबाड़ मुक्त वातावरण बनाए रखें।













