Main Door Vastu Tips : वास्तु शास्त्र में घर के मुख्य द्वार को ‘सिंह द्वार’ की संज्ञा दी गई है, क्योंकि यहीं से लक्ष्मी और सौभाग्य का आगमन होता है।
यदि इस स्थान पर नकारात्मकता फैलाने वाली चीजें मौजूद हों, तो मेहनत के बावजूद घर में बरकत नहीं रहती।अक्सर लोग सजावट या आस्था के नाम पर कुछ चीजें टांग देते हैं, लेकिन उनके खराब होने पर भी उन्हें नहीं हटाते, जो वास्तु दोष का सबसे बड़ा कारण बनता है।
इन चीजों को घर के बाहर से तुरंत हटाएं
- सूखी मालाएं और मुरझाए तोरण: त्योहार या पूजा के समय हम आम के पत्तों या गेंदे के फूलों का तोरण लगाते हैं। वास्तु के अनुसार, ताजे फूल शुभता लाते हैं, लेकिन सूखते ही ये ‘मृत ऊर्जा’ का प्रतीक बन जाते हैं। सूखे पत्तों से निकलने वाली नकारात्मकता घर के सदस्यों के स्वास्थ्य और धन पर बुरा असर डालती है।
- टूटी या धुंधली नेमप्लेट: घर की नेमप्लेट केवल नाम नहीं, बल्कि आपकी प्रतिष्ठा है। अगर यह टूटी है, इसके अक्षर मिट चुके हैं या इस पर धूल जमी है, तो यह आपकी सामाजिक छवि को धूमिल करती है और करियर में मिलने वाले अवसरों को कम कर देती है।
- खराब विंड चाइम और डोरबेल: विंड चाइम की मधुर ध्वनि वास्तु दोष दूर करती है, लेकिन अगर वह टूट गई है या उसकी आवाज कर्कश हो गई है, तो वह कलह का कारण बनती है। इसी तरह, खराब या डरावनी आवाज वाली डोरबेल मेहमानों के साथ-साथ सौभाग्य को भी घर में प्रवेश करने से रोकती है।
- खंडित धार्मिक चिन्ह: मुख्य द्वार पर स्वास्तिक या ॐ जैसे चिन्ह लगाना अत्यंत शुभ है। हालांकि, यदि ये चिन्ह फीके पड़ गए हैं, टूट गए हैं या गलती से उल्टे लगे हैं, तो इनका प्रभाव विपरीत हो जाता है। खंडित चिन्हों का होना भारी वास्तु दोष माना जाता है।
- जंग लगा ताला: सुरक्षा के लिए इस्तेमाल होने वाला ताला यदि पुराना और जंग लगा है, तो यह घर की तरक्की को ‘लॉक’ कर देता है। वास्तु अनुसार, सुचारू रूप से चलने वाला ताला ही घर में सुरक्षित और सकारात्मक माहौल सुनिश्चित करता है।









