लखनऊ, 19 फरवरी 2026। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ (Lucknow) के वजीरगंज थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ बारूदखाना स्थित नूरुल इस्लाम स्कूल में कक्षा एक के छात्र को उसके ही सहपाठी ने फिनाइल पिला दिया। घटना 16 फरवरी की दोपहर करीब 1:30 बजे की बताई जा रही है, जब स्कूल में छुट्टी का समय हो रहा था। पीड़ित छात्र के पिता जुबैर, जो पेशे से ठेला संचालक हैं, ने स्कूल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और अभद्रता के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पुलिस ने स्कूल के मैनेजर और अन्य स्टाफ के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
क्लास में सहपाठी ने बोतल से पिलाया फिनाइल
घटना के वक्त मासूम छात्र अपनी कक्षा में मौजूद था। पिता जुबैर के अनुसार, क्लास में बच्चों की पानी की बोतलों के पास ही फिनाइल की बोतल रखी हुई थी। जब छुट्टी हुई तो अधिकांश बच्चे जा चुके थे, लेकिन पीड़ित और दो अन्य बच्चे वहीं मौजूद थे। इसी दौरान एक बच्चे ने फिनाइल उठाकर उसे पिला दिया। जब बच्चे की तबीयत बिगड़ने लगी और वह छटपटाने लगा, तब जाकर स्कूल के शिक्षकों को मामले की जानकारी हुई। इसके बाद स्कूल की ओर से बच्चे की मां को फोन कर घटना की सूचना दी गई।
अस्पताल में 48 घंटे तक चला इलाज
सूचना मिलते ही परिजन आनन-फानन में स्कूल पहुंचे और बच्चे को लेकर घर आए। बच्चे की गंभीर हालत को देखते हुए उसे तुरंत लखनऊ के बलरामपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने मासूम का उपचार शुरू किया और करीब 48 घंटे तक अस्पताल में भर्ती रहने के बाद उसकी हालत सामान्य हो सकी। परिजनों का कहना है कि अगर समय रहते उपचार न मिलता तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी। अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद पिता ने स्कूल जाकर पूरी घटना की जानकारी लेनी चाही।
मैनेजर पर अभद्रता और लापरवाही छिपाने का आरोप
पीड़ित पिता का आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो मैनेजर नावेद ने अपनी और शिक्षकों की गलती मानने के बजाय उनसे बदतमीजी की। आरोप है कि नावेद और स्कूल के डॉ. मो. शोएब कुरैशी ने घटना की गंभीरता को छिपाने की कोशिश की और पीड़ित परिवार को धमकाया। पिता का कहना है कि स्कूल परिसर में बच्चों की पहुंच के भीतर फिनाइल जैसी जहरीली वस्तु रखना प्रबंधन की बड़ी लापरवाही है। इसी व्यवहार से आहत होकर उन्होंने वजीरगंज थाने में न्याय की गुहार लगाई।
पुलिस की कार्रवाई और जांच तेज
वजीरगंज थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्कूल मैनेजर नावेद और दो अन्य के खिलाफ गंभीर बीमारी फैलाने की आशंका और लापरवाही की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। इंस्पेक्टर राजेश त्रिपाठी ने बताया कि मामले की गहन विवेचना की जा रही है। पुलिस ने बच्चे के पिता और नामजद आरोपियों को पूछताछ के लिए तलब किया है। अधिकारियों का कहना है कि मौके से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और बयानों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।













