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Uttarakhand Crime : ढाई साल बाद पीड़िता को मिला इंसाफ, चंपावत गैंगरेप के तीनों दोषियों को 20 वर्ष का कठोर कारावास

चंपावत के बहुचर्चित सामूहिक दुष्कर्म मामले में जिला एवं सत्र न्यायालय ने तीन दोषियों को 20-20 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अक्टूबर 2023 की इस घटना में अदालत ने प्रत्येक दोषी पर 75-75 हजार रुपये का भारी जुर्माना भी लगाया है।

Uttarakhand Crime : ढाई साल बाद पीड़िता को मिला इंसाफ, चंपावत गैंगरेप के तीनों दोषियों को 20 वर्ष का कठोर कारावास

HIGHLIGHTS

  • तीनों दोषियों को 20-20 साल का कठोर कारावास
  • प्रत्येक दोषी पर 75 हजार रुपये का अर्थदंड लगा
  • सोहन और राहुल को धारा 342 में एक साल सजा
  • धारा 363 के तहत लगाए गए आरोप से दोषमुक्त

चंपावत, 28 जून 2026 (दून हॉराइज़न)।

Uttarakhand Crime : चंपावत जिला एवं सत्र न्यायालय ने सामूहिक दुष्कर्म के तीन दोषियों को 20-20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। जज अनुज कुमार संगल की अदालत ने शनिवार को इस बहुचर्चित मामले में फैसला सुनाया। तीनों दोषियों पर 75-75 हजार रुपये का भारी भरकम अर्थदंड भी लगा है।

जुर्माना राशि अदा नहीं करने पर दोषियों की मुश्किलें और बढ़ेंगी। कोर्ट ने साफ आदेश दिया है कि अर्थदंड जमा न करने की स्थिति में तीनों को एक-एक साल की अतिरिक्त कठोर सजा काटनी होगी। झालाकुड़ी निवासी सोहन सिंह (22 वर्ष), राहुल सिंह (25 वर्ष) और बबलू सिंह (32 वर्ष) को भारी पुलिस सुरक्षा के बीच अदालत में पेश किया गया था। अदालत का आदेश आते ही पुलिस ने तीनों को सीधे हवालात भेज दिया।

यह वारदात करीब ढाई साल पहले 7 अक्टूबर 2023 की रात अंजाम दी गई थी। चंपावत के एक गांव में महिला को बंधक बनाकर सामूहिक दुष्कर्म किया गया। पीड़िता ने घटना के तुरंत बाद कोतवाली पहुंचकर पुलिस को नामजद तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए फौरन मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश शुरू कर दी थी।

कोतवाली पुलिस की विवेचना पूरी होने के बाद न्यायालय में पुख्ता साक्ष्यों के साथ आरोपपत्र दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने कई गवाह पेश किए। मेडिकल रिपोर्ट और मौके से जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्य अदालत के सामने रखे गए। लंबी जिरह के बाद न्यायालय ने तीनों आरोपियों को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 डी के तहत दोषी करार दिया।

सोहन सिंह और राहुल सिंह को IPC की धारा 342 के तहत भी एक-एक साल के कठोर कारावास की सजा मिली है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि ये सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने सोहन और राहुल को आईपीसी की धारा 363 (अपहरण) के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया है। देश में नए आपराधिक कानूनों के लागू होने के बाद अब पुरानी आईपीसी की धारा 363 की जगह भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137 ने ले ली है।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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