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Uttarakhand Weather Update : मई में लौटी सर्दियों वाली ठंड, दून-टिहरी में 10 डिग्री तक लुढ़का पारा

उत्तराखंड में लगातार हो रही तेज बारिश और पर्वतीय हवाओं के कारण मई के महीने में तापमान सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस तक नीचे गिर गया है, जिससे मैदानी और पहाड़ी इलाकों में ठंड का अहसास होने लगा है। वहीं, लखवाड़ बहुउद्देशीय बांध परियोजना क्षेत्र में भारी बारिश के बाद आए मलबे की चपेट में आने से तीन पोकलैंड मशीनें दब गईं, हालांकि ऑपरेटरों ने समय रहते कूदकर अपनी जान बचाई।

Uttarakhand Weather Update : मई में लौटी सर्दियों वाली ठंड, दून-टिहरी में 10 डिग्री तक लुढ़का पारा

HIGHLIGHTS

  • देहरादून और नई टिहरी सहित कई शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से 7 से 10 डिग्री तक लुढ़का।
  • लखवाड़ बांध निर्माण स्थल के पास मोई खड्ड में भारी मलबे की चपेट में आईं तीन निर्माण मशीनें।
  • देहरादून के जलभराव वाले इलाकों और नदी-नालों के आसपास जनप्रतियनिधियों ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ किया निरीक्षण।

देहरादून, 1 जून (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में मौसम के बदले मिजाज ने मई के महीने में ही लोगों को सर्दियों की गुलाबी ठंड का अहसास करा दिया है। पूरे प्रदेश में हो रही लगातार बारिश और पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं की वजह से पिछले 24 घंटों के भीतर तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

मैदानी से लेकर पहाड़ी इलाकों तक पारा सामान्य से 10 डिग्री सेल्सियस नीचे चला गया है, जिसके कारण लोगों को अचानक हल्के गर्म कपड़े और जैकेट निकालने पर मजबूर होना पड़ा है।

देहरादून और टिहरी में रिकॉर्ड गिरावट

मौसम विज्ञान केंद्र के आंकड़ों के मुताबिक, उत्तराखंड के अधिकांश हिस्सों में रविवार को अधिकतम तापमान सामान्य से बेहद कम दर्ज किया गया। राजधानी देहरादून में महज 24 घंटे में अधिकतम तापमान 7.2 डिग्री गिरकर 26.6 डिग्री सेल्सियस पर आ गया, जो सामान्य से 9 डिग्री कम है। वहीं न्यूनतम तापमान 17.0 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।

पहाड़ी क्षेत्र नई टिहरी में ठिठुरन ज्यादा बढ़ गई है, जहां पारा सामान्य से 10 डिग्री लुढ़ककर 18.6 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। नई टिहरी में 2.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पर्यटन नगरी मसूरी में भी रविवार दोपहर तक रुक-रुक कर हुई बारिश के बाद बाहर से आए पर्यटक गर्म कपड़ों में नजर आए।

लखवाड़ बांध परियोजना स्थल पर टला बड़ा हादसा

भारी बारिश के चलते लखवाड़ बहुउद्देशीय बांध परियोजना क्षेत्र के मोई खड्ड में अचानक पहाड़ी से भारी मात्रा में मलबा और पत्थर गिर गए। इस मलबे की चपेट में आने से वहां निर्माण कार्य में लगी तीन पोकलैंड मशीनें पूरी तरह दब गईं। पहाड़ी कटान के काम में जुटे ऑपरेटरों ने मलबे को आता देख मशीनों से कूदकर भागते हुए अपनी जान बचाई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शनिवार देर शाम को यह घटना इतनी तेजी से हुई कि चालकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। मोई खड्ड का यह मलबा लखवाड़ बैंड झरने के पानी के साथ मुख्य बांध निर्माण स्थल तक पहुंच गया था।

हवा में नमी का स्तर 80 फीसदी तक पहुंचा

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले दिनों पड़ी भीषण गर्मी के कारण दून और आसपास के क्षेत्रों में जो नमी खत्म हो गई थी, वह लगातार बारिश के कारण वापस लौट आई है। रविवार को देहरादून में आर्द्रता (नमी) का स्तर 65 से 80 फीसदी के बीच दर्ज किया गया। हवा में नमी का ऐसा ग्राफ आमतौर पर सर्दियों के मौसम में देखा जाता है, यही वजह है कि मई के अंत में भी लोगों को तेज ठिठुरन महसूस हो रही है।

जलभराव और मलबे को लेकर प्रशासनिक मुस्तैदी

बारिश के कारण देहरादून के कई शहरी इलाकों में जलभराव और मलबे की समस्या खड़ी हो गई है। सालावाला, जाखन और डोभालवाला क्षेत्र में नुकसान की शिकायत मिलने के बाद पार्षद भूपेंद्र कठैत, पूर्व पार्षद संजय नौटियाल और पार्षद मोहन बहुगुणा ने प्रशासनिक अधिकारियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इसके बाद जेसीबी मशीन लगाकर रास्तों से मलबा हटाया गया।

दूसरी ओर, नगर निगम ने इंद्रप्रस्थ एन्क्लेव लेन नंबर-16 में ड्रेनेज ब्लॉक होने के कारण हो रहे जलभराव को देखते हुए रविवार से कॉलोनी में रिचार्ज पिट का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया है। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, खाली प्लॉटों में चहारदीवारी बनने के कारण यहां पानी की निकासी बंद हो गई थी।

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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