सहसपुर। देहरादून पुलिस (Doon Police) इन दिनों अपराधियों पर शिकंजा कसने के लिए पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। इसका ताजा उदाहरण पश्चिमी देहरादून के सहसपुर थाना क्षेत्र में देखने को मिला, जहां पुलिस ने एक ऐसे शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है, जो जेल से बाहर आते ही दोबारा अपराध की दुनिया में सक्रिय हो गया था। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से क्षेत्र में हुई हालिया बाइक चोरी की गुत्थी सुलझ गई है।
मामले की शुरुआत 1 मार्च को हुई थी। हरियाणा के कुरुक्षेत्र (बडोन्ही, लाडवा) निवासी हर्ष कुमार अपनी हीरो स्प्लेंडर प्लस बाइक (HR 97-1241) से सहसपुर के सहारा इंडस्ट्रियल एरिया में किसी काम के सिलसिले में आए थे। उन्होंने अपनी बाइक बाहर खड़ी की और अंदर चले गए। कुछ देर बाद जब वह वापस लौटे, तो उनकी बाइक वहां से गायब थी। पीड़ित ने तुरंत स्थानीय पुलिस से संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज कराई।
सीसीटीवी और मुखबिर तंत्र ने किया काम आसान
देहरादून के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) द्वारा वाहन चोरी की घटनाओं पर सख्त रुख अपनाने के निर्देश पहले ही दिए जा चुके हैं। निर्देशों का पालन करते हुए सहसपुर कोतवाली पुलिस ने तुरंत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी। जांच के दौरान पुलिस टीम ने पुराने और हाल ही में जेल से छूटे अपराधियों का रिकॉर्ड खंगालना शुरू किया। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे दर्जनों सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से चेक की गई।
पुलिस की यह मेहनत तब रंग लाई जब मुखबिर से एक ठोस सूचना मिली। सूचना के आधार पर पता चला कि चोरी की गई बाइक के साथ एक संदिग्ध युवक सभावाला रोड की तरफ देखा गया है। बिना समय गंवाए पुलिस टीम ने इलाके की घेराबंदी की और आरोपी को चोरी की बाइक के साथ रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी का लंबा है आपराधिक इतिहास
पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपी की पहचान आशिक (25 वर्ष) के रूप में हुई है, जो सहसपुर के महमूदनगर (शंकरपुर) का निवासी है। सहसपुर पुलिस के लिए आशिक कोई नया नाम नहीं है। महज 25 साल की उम्र में इस शातिर अपराधी पर धारा 305, 317 और आर्म्स एक्ट के तहत पहले से ही तीन गंभीर मुकदमे दर्ज हैं। हाल ही में वह जेल से रिहा हुआ था और बाहर आते ही उसने बाहरी राज्यों से आने वाले वाहनों को अपना निशाना बनाना शुरू कर दिया।
दरअसल, पश्चिमी देहरादून के सहसपुर और सेलाकुई जैसे इलाकों में इंडस्ट्रियल एक्टिविटी तेजी से बढ़ी है। इसके चलते बाहरी राज्यों से आने वाले मालवाहक और निजी वाहनों की संख्या में भी इजाफा हुआ है, जो अक्सर स्थानीय चोरों के निशाने पर रहते हैं। सहसपुर पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से औद्योगिक क्षेत्र में होने वाली चोरी की घटनाओं पर काफी हद तक लगाम लगेगी।
फिलहाल पुलिस आरोपी आशिक को न्यायालय में पेश करने की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर रही है। इस सफल खुलासे में एएसआई अरविंद कुमार, कांस्टेबल रविपाल, सुनील कुमार, हेड कांस्टेबल डबल सिंह और राजबीर भंडारी की अहम भूमिका रही।











