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Chardham Yatra 2026 : बदरी-केदार यात्रा में फंसे यात्री तो नहीं होगी दिक्कत, 48 पड़ावों पर 1.18 लाख लोगों के रुकने का इंतजाम

उत्तराखंड पुलिस ने चारधाम यात्रा 2026 के लिए व्यापक सुरक्षा प्लान तैयार किया है, जिसके तहत यात्रा मार्गों पर 1.18 लाख यात्रियों के ठहरने के लिए 48 सुरक्षित पड़ाव बनाए गए हैं। साथ ही, धामों की मर्यादा बनाए रखने के लिए मंदिर परिसर में फोटो खींचने और रील बनाने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है।

Chardham Yatra 2026 : बदरी-केदार यात्रा में फंसे यात्री तो नहीं होगी दिक्कत, 48 पड़ावों पर 1.18 लाख लोगों के रुकने का इंतजाम

HIGHLIGHTS

  • आपातकालीन क्षमता: आपदा की स्थिति में 48 पड़ावों पर एक साथ 1.18 लाख श्रद्धालु रुक सकेंगे।
  • हाईटेक निगरानी: यात्रा मार्ग से लेकर धामों तक 1200 सीसीटीवी कैमरों के जरिए देहरादून कंट्रोल रूम से मॉनिटरिंग।
  • शून्य सहनशीलता: मंदिर परिसरों के भीतर मोबाइल से फोटो-वीडियो और रील बनाने पर सख्त रोक।

देहरादून, 16 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न) 

Chardham Yatra 2026 : चारधाम यात्रा 2026 को लेकर उत्तराखंड पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व सुविधाओं का नया खाका तैयार किया है। इस बार यात्रा के दौरान खराब मौसम, भूस्खलन या अन्य किसी भी आपदा की स्थिति में यात्रियों को असुरक्षित नहीं छोड़ा जाएगा। पुलिस ने पूरे यात्रा रूट पर 48 सुरक्षित ‘हाल्टिंग प्वाइंट’ (पड़ाव) चिह्नित किए हैं, जहां एक साथ 1 लाख 18 हजार यात्रियों के ठहरने की पुख्ता व्यवस्था की गई है।

1200 कैमरों से 24 घंटे निगरानी

डीजीपी दीपम सेठ ने सुरक्षा तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि पिछले वर्षों के ट्रैफिक और सुरक्षा अनुभवों के आधार पर इस बार बेहतर प्लान लागू किया जा रहा है। यात्रा मार्ग पर 80 ऐसे संवेदनशील स्थान चिह्नित किए गए हैं, जहां भूस्खलन का खतरा रहता है। इन सभी जगहों पर आपदा बचाव टीमें पहले से तैनात रहेंगी, जिनके पास जेसीबी और जनरेटर जैसे उपकरण मौजूद होंगे। पूरी यात्रा की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग के लिए 1200 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिन्हें देहरादून में स्थापित हाईटेक कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।

मंदिर परिसर में मोबाइल पर सख्ती

धामों में बढ़ती भीड़ और रील बनाने की होड़ से पैदा होने वाली अव्यवस्था को देखते हुए प्रशासन ने कड़ा फैसला लिया है। अब चारों धामों के मुख्य परिसर के भीतर श्रद्धालुओं के फोटो खींचने और वीडियो या रील बनाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। पुलिस के अनुसार, कुछ लोगों द्वारा वीडियो बनाने के चक्कर में श्रद्धालुओं की कतारें प्रभावित होती हैं और मर्यादा का उल्लंघन होता है, जिसे रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है।

जिलों के अनुसार यात्रियों के रुकने की क्षमता

प्रशासन ने विभिन्न जिलों में यात्रियों के ठहरने की क्षमता का विवरण भी जारी किया है:

  • रुद्रप्रयाग: 15 पड़ाव (सबसे अधिक 70,770 यात्री)
  • उत्तरकाशी: 18 पड़ाव (23,450 यात्री)
  • चमोली: 4 पड़ाव (12,000 यात्री)
  • पौड़ी: 3 पड़ाव (12,000 यात्री)
  • देहरादून व हरिद्वार: 7 पड़ाव (6,700 यात्री)

ऋषिकेश ट्रांजिट केंद्र पर मुफ्त सुविधाएं

यात्रियों की सुविधा के लिए ऋषिकेश ट्रांजिट केंद्र पर मुफ्त चाय, नाश्ता और भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। डीएम सविन बंसल ने बुधवार को व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि यहां 24 घंटे मेडिकल सेवा और इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम सक्रिय रहना चाहिए। उन्होंने रजिस्ट्रेशन के लिए 30 मोबाइल टीमें तैनात करने के निर्देश दिए हैं (25 दिन में और 5 रात में), जो होटलों और धर्मशालाओं में जाकर यात्रियों का पंजीकरण सुनिश्चित करेंगी।

लापरवाही पर भड़के डीएम

समीक्षा के दौरान डीएम सविन बंसल ने हरिद्वार बाईपास मार्ग की खराब स्थिति पर कड़ी नाराजगी जताई। गौरा देवी चौक के पास सीवर लाइन खुदाई के बाद सड़क की मरम्मत न होने पर उन्होंने पेयजल निगम को कड़ी फटकार लगाई। विभाग को अल्टीमेटम दिया गया है कि 19 अप्रैल तक सड़क की मरम्मत का काम हर हाल में पूरा हो जाना चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो।

बचाव एवं राहत व्यवस्था: एक नजर में

जिला पड़ावों की संख्या कुल क्षमता
रुद्रप्रयाग 15 70,770
उत्तरकाशी 18 23,450
चमोली 04 12,000
पौड़ी 03 12,000
देहरादून 05 1,700
हरिद्वार 02 5,000

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Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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