उत्तरकाशी/देहरादून, 20 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड की विश्वप्रसिद्ध चारधाम यात्रा (Chardham Yatra 2026) का आगाज़ रविवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धामों के कपाट खुलने के साथ हो गया। पहले दिन भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने मां गंगा और यमुना के दर्शन किए।
हालांकि, इस उत्साह के बीच यमुनोत्री पैदल मार्ग से दुखद खबरें सामने आईं, जहाँ अलग-अलग घटनाओं में दो तीर्थयात्रियों की जान चली गई। प्रशासन ने यात्रियों से स्वास्थ्य के प्रति सतर्क रहने की अपील की है।
यमुनोत्री मार्ग पर दो तीर्थयात्रियों की मृत्यु
यमुनोत्री धाम की कठिन चढ़ाई के दौरान महाराष्ट्र के एक श्रद्धालु की स्वास्थ्य बिगड़ने से मौत हो गई। मृतक की पहचान नासिक निवासी 65 वर्षीय उदय गजानन तांबे के रूप में हुई है। जानकीचट्टी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के अनुसार, प्रथमदृष्टया मौत का कारण सांस संबंधी समस्या और हृदय गति रुकना माना जा रहा है। एक नेपाली मूल का श्रमिक उन्हें अचेत अवस्था में अस्पताल लाया था, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
वहीं, दूसरी घटना ’19 कैंची’ के पास हुई, जहाँ 40 वर्षीय महिला यात्री प्रतिमा मिश्रा घोड़े से गिर गईं। पुलिस अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि गिरने के कारण महिला के सिर पर गंभीर चोट आई थी, जिसके बाद उनकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।
हरिद्वार पंजीकरण केंद्र पर यात्री हुई बेहोश

यात्रा के शुरुआती दबाव के बीच हरिद्वार के ऋषिकुल मैदान स्थित पंजीकरण केंद्र पर भी एक घटना सामने आई। यहाँ उज्जैन निवासी 70 वर्षीय दुर्गाबाई पंजीकरण कराते समय अचानक बेहोश होकर गिर गईं। मौके पर मौजूद डॉ. विनय सिंह ने बताया कि महिला का ब्लड प्रेशर (BP) कम होने के कारण उन्हें चक्कर आया था।
उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल भेजा गया है। जिला पर्यटन विकास अधिकारी सुशील नौटियाल ने इस घटना के बाद यात्रियों से आग्रह किया है कि वे यात्रा शुरू करने से पहले अपनी स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से करवाएं।
सीएम धामी ने गंगोत्री में किया स्वागत
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रविवार को स्वयं गंगोत्री धाम पहुंचे और मां गंगा की विशेष पूजा-अर्चना की। उन्होंने अखंड ज्योति के दर्शन किए और कपाट खुलने के ऐतिहासिक क्षण का साक्षी बने। मुख्यमंत्री ने कतार में खड़े श्रद्धालुओं को चुनरी भेंट कर उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने यात्रियों की सुविधा के लिए सभी पुख्ता इंतजाम किए हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यात्रा को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाना सामूहिक जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना और बेहतर व्यवस्थाओं का भरोसा दिलाया।









