उत्तरकाशी, 19 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 (Chardham Yatra 2026) का रविवार को विधिवत आगाज़ हो गया। अक्षय तृतीया के शुभ मुहूर्त पर वैदिक मंत्रोच्चारण और विशेष अनुष्ठानों के साथ गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए। परंपरा के अनुसार, दोनों ही पवित्र धामों में पहली पूजा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से संपन्न की गई।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गंगोत्री धाम में आयोजित कपाटोद्घाटन समारोह में व्यक्तिगत रूप से प्रतिभाग किया। उन्होंने प्रधानमंत्री की ओर से संकल्प लेकर प्रथम पूजा की और देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मुख्यमंत्री ने मां गंगा के मंदिर में शीश नवाकर देव डोलियों से आशीर्वाद लिया।
अनुष्ठान और डोली प्रस्थान का क्रम
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां गंगा की उत्सव डोली भैरव घाटी स्थित भैरव मंदिर से प्रस्थान कर गंगोत्री धाम पहुंची। दोपहर ठीक 12 बजकर 15 मिनट पर गंगोत्री मंदिर के कपाट खोले गए।
वहीं, यमुनोत्री धाम में मां यमुना की डोली अपने शीतकालीन प्रवास खरसाली से शनिदेव महाराज की अगुवाई में रवाना हुई। श्रद्धालुओं के जयकारों के बीच दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर यमुनोत्री के कपाट खोल दिए गए। इन पवित्र पलों के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु उत्तरकाशी जनपद के इन दोनों धामों में मौजूद रहे।
सुरक्षित यात्रा के लिए सरकार की तैयारी
कपाटोद्घाटन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि चारधाम यात्रा को लेकर राज्य सरकार ने व्यापक प्रबंध किए हैं। इस वर्ष सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित यात्रा सुनिश्चित करना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्गों पर यातायात प्रबंधन और बुनियादी सुविधाओं को सुदृढ़ किया गया है ताकि किसी भी तीर्थयात्री को असुविधा न हो।
मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं से ‘क्लीन और ग्रीन’ चारधाम यात्रा में सहयोग करने की अपील की। उन्होंने आग्रह किया कि हिमालय की संवेदनशीलता को देखते हुए यात्री स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग रहें।
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री प्रदीप बत्रा, विधायक सुरेश चौहान सहित जिला प्रशासन और मंदिर समितियों के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी व जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे।










