home ताज़ा समाचार देश विदेश क्राइम मनोरंजन बिजनेस ऑटो गैजेट्स खेल हेल्थ लाइफस्टाइल धर्म राशिफल लव राशिफल अंक राशिफल पंचांग करियर ट्रेंडिंग वीडियो

Uttarakhand Madarsa Board होगा भंग: सीएम धामी ने हरिद्वार में किया बड़ा एलान, जुलाई से लागू होगा नया नियम

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घोषणा की है कि उत्तराखंड मदरसा बोर्ड को भंग कर सभी मदरसों में जुलाई से उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड का पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों को तत्काल प्रभाव से बंद करने की चेतावनी भी दी गई है।

Uttarakhand Madarsa Board होगा भंग: सीएम धामी ने हरिद्वार में किया बड़ा एलान, जुलाई से लागू होगा नया नियम

HIGHLIGHTS

  • राज्य में मदरसा बोर्ड को समाप्त कर सामान्य शिक्षा पद्धति से जोड़ा जाएगा।
  • जुलाई सत्र से सभी मदरसों में उत्तराखंड बोर्ड का सिलेबस पढ़ाया जाना अनिवार्य होगा।
  • महिला आरक्षण बिल को लेकर सीएम ने विपक्ष को महिला विरोधी करार दिया।

हरिद्वार, 20 अप्रैल 2026 (दून हॉराइज़न)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य की शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की दिशा में एक बड़ा एलान किया है। हरिद्वार के उत्तरी क्षेत्र स्थित अखंड परमधाम आश्रम में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में अब ‘Uttarakhand Madarsa Board’ का अस्तित्व समाप्त किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि राज्य में संचालित होने वाले सभी मदरसों को अब मुख्यधारा की शिक्षा से जुड़ना होगा और वहां केवल उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड द्वारा निर्धारित पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने समय सीमा निर्धारित करते हुए बताया कि आगामी जुलाई सत्र से यह नई व्यवस्था प्रभावी हो जाएगी। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जो भी मदरसा संस्थान शिक्षा बोर्ड के इस अनिवार्य पाठ्यक्रम को लागू करने में विफल रहेंगे या निर्देशों की अवहेलना करेंगे, उन्हें राज्य सरकार द्वारा बंद कर दिया जाएगा। धामी के इस बयान को देवभूमि में समान शिक्षा नीति की दिशा में एक बड़े कदम के तौर पर देखा जा रहा है।

संतों का मिला समर्थन, विपक्ष पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री के इस निर्णय का वहां मौजूद संत समाज ने पुरजोर स्वागत किया। निरंजनी अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कैलाशानंद गिरि ने कहा कि देवभूमि में किसी भी प्रकार के पृथक मदरसा बोर्ड की आवश्यकता नहीं है। वहीं, स्वामी चिदानंद मुनि ने इसे शिक्षा के समान अधिकार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।

इसी मंच से मुख्यमंत्री ने राजनीतिक मोर्चे पर भी घेराबंदी की। महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम) का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों पर तीखा हमला बोला। सीएम ने आरोप लगाया कि आजादी के बाद लंबे समय तक सत्ता में रहने वालों ने महिलाओं के अधिकारों के लिए कुछ नहीं किया और अब वे इस ऐतिहासिक बिल की राह में रोड़े अटकाकर अपना ‘महिला विरोधी’ चेहरा उजागर कर रहे हैं।

चारधाम यात्रा और सांस्कृतिक विरासत

गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के अवसर पर मुख्यमंत्री ने श्रद्धालुओं को भी आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार पिछले अनुभवों से सीख लेते हुए इस बार यात्रियों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध है। स्वामी परमानंद गिरि के 71वें संन्यास जयंती महोत्सव को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को दुनिया की आध्यात्मिक राजधानी बनाने का संकल्प प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में तेजी से सिद्ध हो रहा है।


देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों (Latest Hindi News) के लिए जुड़े रहें Doon Horizon के साथ। राजनीति (Politics), खेल, मनोरंजन, टेक्नोलॉजी और एजुकेशन से जुड़े हर लाइव अपडेट (Live Updates) और ब्रेकिंग न्यूज़ (Breaking News in Hindi) सबसे पहले पाएं। पढ़िए आपके काम की हर बड़ी खबर, सिर्फ एक क्लिक पर।


Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

Leave a Comment