देहरादून, 07 मई 2026 (दून हॉराइज़न)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन को मुख्य आधार बताया है। गुरुवार को निरंजनपुर में आयोजित एक विशेष संवाद कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए पशुपालकों और मत्स्य पालकों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने राज्य में मत्स्य पालन को आधुनिक बनाने और मछलियों के सुरक्षित परिवहन के लिए ‘रेफ्रिजरेटेड फिशरीज वैन’ को फ्लैग ऑफ कर रवाना किया।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ‘मुख्यमंत्री राज्य पशुधन मिशन’ के माध्यम से राज्य के युवाओं और महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने जानकारी दी कि मिशन के तहत पशुधन इकाइयों की स्थापना के लिए पात्र लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तक का ऋण अनुदान (सब्सिडी) दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य उत्तराखंड को हाई वैल्यू फिश प्रोडक्शन और एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित करना है, जिससे यहां के उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार मिल सके।
बद्री घी को मिला वैश्विक दर्जा, दूध उत्पादन में रिकॉर्ड वृद्धि
संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि उत्तराखंड की विशिष्ट पहचान ‘बद्री गाय’ के घी को देश में पहला जीआई (GI) टैग प्राप्त हुआ है, जिससे इसकी गुणवत्ता को वैश्विक स्तर पर पहचान मिली है। पशुपालन क्षेत्र में हो रही प्रगति का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में राज्य के दुग्ध उत्पादन में सालाना 10 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। पिछले वर्ष सहकारी समितियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादकों को कुल 380 करोड़ रुपये का सीधा भुगतान किया गया है।
ट्राउट फार्मिंग और मोबाइल वेटरनरी सेवाएं
पहाड़ी जिलों उत्तरकाशी, पिथौरागढ़ और बागेश्वर में ट्राउट हैचरी की स्थापना की जा रही है। सीएम ने बताया कि ट्राउट फार्मिंग के प्रोत्साहन के लिए 170 करोड़ रुपये की योजना संचालित है। वहीं, पशुओं के उपचार के लिए 60 विकासखंडों में मोबाइल वेटरनरी यूनिट्स काम कर रही हैं। केंद्र सरकार ने उत्तराखंड को साल 2030 तक खुरपका-मुंहपका (FMD) रोग से मुक्त करने का लक्ष्य रखा है, जिससे पशुपालकों के आर्थिक नुकसान को रोका जा सकेगा।

सफल पशुपालकों ने साझा किए अनुभव
कार्यक्रम में हरिद्वार के पशुपालक हरिकिशन लखेड़ा ने अपनी सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि ‘ब्रीड मल्टीप्लीकेशन फार्म योजना’ के तहत 50 साहिवाल गायें पालकर वे अब प्रतिदिन 300 लीटर दूध का उत्पादन कर रहे हैं।
इससे वे हर महीने करीब 1.15 लाख रुपये की शुद्ध आय अर्जित कर रहे हैं। वहीं, डोईवाला के अमित सिंह ने बताया कि एफपीओ (FPO) के माध्यम से 386 लोग उनके साथ जुड़े हैं और 3 साल में उनका टर्नओवर 10 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा ने इस अवसर पर कहा कि गोट वैली प्रोजेक्ट और मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना जैसे नवाचारों से आज प्रदेश के सभी दुग्ध संघ मुनाफे में आ गए हैं।








