देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए एक 14 वर्षीय किशोरी के साथ सामूहिक दुष्कर्म का सनसनीखेज मामला सामने आया है। हरिद्वार बाईपास से सटे जंगली इलाके में हुई इस वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रफी उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि घटना में शामिल दो अन्य नाबालिगों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।
पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि वारदात की साजिश पहले से रची गई थी। पकड़े गए दो नाबालिगों में से एक पूर्व में पीड़िता के घर में किराएदार के तौर पर रह चुका था, जिस कारण वह किशोरी की आवाजाही और परिवार की स्थिति से पूरी तरह वाकिफ था।
12 मार्च की शाम आरोपियों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर सुनसान इलाके में बुलाया और उसे कोई नशीला पदार्थ पिलाकर अचेत कर दिया।
हैवानियत की हदें पार करने के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने या पकड़े जाने के डर से पीड़िता को एक ऑटो-रिक्शा में बैठाकर उसके घर भेज दिया। घर पहुँचते ही किशोरी बेहोश होकर गिर पड़ी, जिसके बाद परिजनों के होश उड़ गए। होश आने पर जब मां ने बच्ची से पूछताछ की, तो उसने आपबीती सुनाई।
एसएसपी देहरादून के निर्देश पर पुलिस ने तत्काल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (पॉक्सो) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया।
पुलिस टीम ने दबिश देकर 19 वर्षीय रफी को सलाखों के पीछे पहुँचाया। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। पुलिस अब उस ऑटो चालक की भी तलाश कर रही है जिसने पीड़िता को घर छोड़ा था, ताकि कड़ियां जोड़ी जा सकें।










