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धामी सरकार के प्रयासों से फिर शुरू हुई घेर-बाड़ योजना में केंद्रीय फंडिंग, 25 करोड़ का बजट आवंटित

उत्तराखंड सरकार ने जंगली जानवरों से फसल सुरक्षा हेतु केंद्र सरकार से ₹25 करोड़ की वित्तीय सहायता प्राप्त की है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान से वार्ता के बाद तीन वर्षों से रुकी हुई यह मदद फिर बहाल हुई है।

धामी सरकार के प्रयासों से फिर शुरू हुई घेर-बाड़ योजना में केंद्रीय फंडिंग, 25 करोड़ का बजट आवंटित

HIGHLIGHTS

  • केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने घेर-बाड़ योजना के लिए ₹25 करोड़ की पहली किस्त मंजूर की।
  • बीते 3 वर्षों में जिला योजना के जरिए 2841 हेक्टेयर कृषि भूमि की घेराबंदी पूरी हुई।
  • प्रदेश के 44,429 किसानों को इस योजना के क्रियान्वयन से सीधा लाभ मिला है।

भराड़ीसैंण (गैरसैंण)। राज्य में जंगली जानवरों द्वारा फसलों के नुकसान को रोकने के लिए केंद्र सरकार ने ₹25 करोड़ की राशि स्वीकृत की है। विधानसभा के बजट सत्र के दौरान कृषि मंत्री गणेश जोशी ने सदन को इस वित्तीय मंजूरी की आधिकारिक जानकारी दी। विभागीय रिकॉर्ड के मुताबिक राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत बंद हुई सहायता को मुख्यमंत्री के हस्तक्षेप के बाद दोबारा शुरू किया गया है।

2841 हेक्टेयर भूमि पर घेराबंदी पूरी

आधिकारिक रिकॉर्ड बताते हैं कि पिछले तीन वित्तीय वर्षों में राज्य सरकार ने जिला योजना के माध्यम से ₹44,429 किसानों को योजना से जोड़ा है। इस अवधि में कुल 2841 हेक्टेयर कृषि क्षेत्र को सुरक्षित करने का लक्ष्य प्राप्त किया गया। वहीं अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि केंद्रीय सहायता रुकने के बावजूद राज्य ने अपने संसाधनों से कार्य जारी रखा था। इसी बीच, वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में प्रदेश सरकार ने ₹10 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान भी किया है।

मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के बीच वार्ता का परिणाम

तय योजना के अनुसार, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने गौचर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के समक्ष राज्य की भौगोलिक चुनौतियों और फसलों की क्षति का मुद्दा रखा था। शासन के निर्देशों के तहत कृषि मंत्रालय का आधिकारिक पत्र विभाग को प्राप्त हो चुका है। रिकॉर्ड बताते हैं कि पूर्व में केंद्र से सहायता बंद होने के कारण किसानों को केवल जिला स्तरीय योजनाओं पर निर्भर रहना पड़ रहा था।

Harpreet Singh

हरप्रीत सिंह पिछले 10 वर्षों से 'दून हॉराइज़न' के साथ जुड़े हुए हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में एक दशक का अनुभव रखने वाले हरप्रीत की उत्तराखंड और अन्य राज्यों की खबरों पर गहरी पकड़ है. उन्होंने अपनी उच्च शिक्षा में उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय से एमबीए (MBA) की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने भारतीय विद्या भवन, मुंबई से पब्लिक रिलेशंस (जनसंपर्क) में पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा भी पूरा किया है. अपने अनुभव और शिक्षा के माध्यम से वे पाठकों तक सटीक और विश्लेषणात्मक खबरें पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.

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