देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी में एलपीजी गैस की भारी किल्लत और कालाबाजारी की शिकायतों के बीच जिला प्रशासन ने शनिवार को बड़ा एक्शन लिया है। जिलाधिकारी सविन बंसल के निर्देश पर गठित विशेष टीमों ने जिले की 17 गैस एजेंसियों, 45 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और 5 पेट्रोल पंपों पर एक साथ औचक निरीक्षण किया।
इस कार्रवाई के दौरान डोईवाला क्षेत्र में गैस की कालाबाजारी का खुलासा हुआ, जहां पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं।
प्रशासन की इस सख्ती के दौरान कुल 19 गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं। वर्तमान में जिले के भीतर घरेलू गैस सिलेंडरों का बैकलाग बढ़कर करीब 67 हजार तक पहुंच गया है। इस भारी अंतर को पाटने के लिए प्रशासन ने गैस प्लांट से लोड बढ़ा दिया है, ताकि उपभोक्ताओं को समय पर आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।

शनिवार शाम 5 बजे तक जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के कंट्रोल रूम में गैस आपूर्ति से जुड़ी 341 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनके निस्तारण के लिए खाद्य आपूर्ति विभाग की टीम को मौके पर तैनात किया गया है।

सप्लाई चेन को व्यवस्थित करने के लिए जिलाधिकारी ने बुकिंग के नियमों में भी बड़ा बदलाव किया है। अब शहरी क्षेत्रों के उपभोक्ता एक सिलेंडर प्राप्त करने के 25 दिन बाद ही अगली बुकिंग करा सकेंगे। वहीं, ग्रामीण क्षेत्रों के लिए यह सीमा 45 दिन निर्धारित की गई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता घबराएं नहीं, होम डिलीवरी के माध्यम से हर घर तक गैस पहुंचाई जाएगी।
रिकॉर्ड के अनुसार, आज 29,120 घरेलू और 69 व्यावसायिक सिलेंडरों की डिलीवरी की गई है, जबकि स्टॉक में अभी 31,807 सिलेंडर शेष हैं।











