देहरादून। होली केवल रंगों का त्योहार नहीं है, बल्कि यह आपसी सौहार्द और गिले-शिकवे भुलाने का सबसे बड़ा पर्व है। आम दिनों में कानून-व्यवस्था, क्राइम कंट्रोल और शहर की सुरक्षा को लेकर हमेशा अलर्ट मोड पर रहने वाली खाकी वर्दी पर भी सोमवार को फागुनी रंग पूरी तरह चढ़ा हुआ नजर आया।
मौका था देहरादून स्थित पुलिस लाइन में आयोजित होलिका दहन कार्यक्रम का, जहां पूरा पुलिस महकमा एक बड़े परिवार की तरह इस उत्सव में शामिल हुआ।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून ने इस खास मौके पर कमान संभाली। उन्होंने अपने परिवार के साथ मिलकर वैदिक मंत्रोच्चार और पूरे विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना की। इसके बाद जिले के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में होलिका दहन की पारंपरिक रस्म को पूरा किया गया।
बच्चों संग एसएसपी ने खेली होली
अमूमन सख्त मिजाज में दिखने वाले पुलिस अधिकारी होली के इस खुशनुमा माहौल में बेहद सहज और खुश नजर आए। एसएसपी दून ने पुलिसकर्मियों के बच्चों और उनके परिजनों को खुद अपने हाथों से रंग लगाया और उन्हें इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।
दरअसल, आम नागरिकों के लिए त्योहारों का मतलब परिवार के साथ छुट्टियां बिताना होता है। लेकिन पुलिसकर्मियों के लिए त्योहारी सीजन का अर्थ चौराहों पर मुस्तैदी, वीआईपी ड्यूटी और सुरक्षा का अतिरिक्त दबाव होता है। अक्सर जवान होली-दिवाली पर अपने घर नहीं जा पाते। ऐसे में पुलिस लाइन के भीतर होने वाले ऐसे पारंपरिक आयोजन जवानों और उनके परिवारों को एक साथ खुशियां बांटने और मानसिक तनाव कम करने का एक बेहद जरूरी मंच देते हैं।
पहाड़ी गीतों पर थिरकीं महिला अधिकारी
होलिका दहन के इस कार्यक्रम में उत्साह उस वक्त दोगुना हो गया, जब पारंपरिक पहाड़ी गीतों की धुन बजी। पुलिस परिवार की महिलाओं के साथ-साथ जिले में तैनात महिला पुलिस अधिकारियों ने भी इस जश्न में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने शानदार डांस किया और एक-दूसरे को गुलाल लगाकर होली की बधाइयां दीं।
इस दौरान पूरा माहौल खुशनुमा और पारिवारिक नजर आ रहा था। पुलिस लाइन में आयोजित इस भव्य होलिका दहन कार्यक्रम में देहरादून जिले के तमाम राजपत्रित अधिकारी, इंस्पेक्टर, सब-इंस्पेक्टर और अन्य पुलिसकर्मी अपने परिजनों के साथ मौजूद रहे।











