Uttarakhand News : देहरादून (Dehradun) में आम आदमी पार्टी (AAP) के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष (युवा) सचिन थपलियाल (Sachin Thaplyal) ने प्रदेश की वर्तमान स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त की है। थपलियाल ने कहा कि उत्तराखंड वर्तमान में कठिन चुनौतियों से जूझ रहा है, लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी (Pushkar Singh Dhami) की सरकार स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसे बुनियादी मुद्दों पर मौन है।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में बढ़ती आपदाएं, जंगलों की कटाई और वन्यजीवों के हमले जनता के लिए बड़ा खतरा बन चुके हैं, जिस पर सरकार के पास कोई ठोस नीति नहीं है।
महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता की मांग
सचिन ने तर्क दिया कि जब कई अन्य बीजेपी (BJP) शासित राज्यों में महिलाओं के लिए मासिक सम्मान राशि की योजनाएं लागू हैं, तो उत्तराखंड में इसे क्यों नहीं अपनाया जा रहा है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि देवभूमि की माताओं और बहनों के लिए 3000 रुपये मासिक सम्मान राशि तत्काल शुरू की जाए। इसके साथ ही उन्होंने उत्तराखंड में महिलाओं के लिए सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा का प्रावधान करने का भी सुझाव दिया ताकि उन पर आर्थिक बोझ कम हो सके।
वन्यजीव हमले और पलायन पर घेरा
थपलियाल के अनुसार, उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों में तेंदुए और अन्य वन्यजीवों के हमलों में लगातार जान-माल का नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों को न तो पर्याप्त सहायता मिल रही है और न ही सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। बिजली प्रोजेक्ट्स के नाम पर हो रहे प्राकृतिक दोहन और बढ़ते पलायन को लेकर उन्होंने सरकार के कार्यकाल को विफल बताया।
संगठन में महिला नेतृत्व का प्रस्ताव
आम आदमी पार्टी के प्रदेश मुख्यालय द्वारा जारी विज्ञप्ति में संगठन के पुनर्गठन को लेकर भी महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। सचिन थपलियाल ने शीर्ष नेतृत्व से निवेदन किया है कि उत्तराखंड में पार्टी को मजबूती देने के लिए किसी सक्षम महिला को प्रदेश अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी जाए। उन्होंने कहा कि महिला नेतृत्व से आधी आबादी में विश्वास बढ़ेगा और महिला सशक्तिकरण का ठोस संदेश जाएगा।










